योगी सरकार के इस फैसले से तीन लाख लोग होंगे बेरोजगार,10000 करोड़ का होगा नुकसान
कानपुर। एक तरफ योगी सरकार बेरोजगारों को रोजगार देने की बात कर रही है, तो अब लोगों से रोजगार छीनने वाली सरकार भी बन गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कुंभ मेला के दौरान तीन महीने तक उन्नाव-कानपुर की सभी टेनरीज को बंद करने का आदेश दिया है। इसके मुताबिक, कुंभ मेले के दौरान 15 दिसंबर से 15 मार्च तक टेनरीज बंद रहेंगी। मिली जानकारी के मुताबिक तीन महीने टेनरीज बंद होने से लगभग 10000 करोड़ का नुकसान होगा। राज्य सरकार के इस फैसले से करीब 3 लाख लोग बेरोजगार होंगे। इस आदेश से सबसे ज्यादा प्रभावित चमड़े के उद्योग होंगे।

गंगा का पानी काफी दूषित है जिसको लेकर पहले संतों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी थी यदि गंगा प्रदूषित रही तो शाही स्नान का बहिष्कार किया जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ सरकार के आदेश को चमड़ा निर्यात परिषद के क्षेत्रीय प्रमुख ताज आलम ने उद्योग के लिए एक बड़ा झटका करार दिया है। इलाहाबाद में होने वाले महाकुंभ के मद्देनजर यूपी के कानपुर स्थित जाजमऊ और उन्नाव क्षेत्र में स्थापित टेनरियों को 15 दिसंबर से 15 मार्च तक बंद करने के आदेश पर मुख्यमंत्री ने मुहर लगा दी है। प्रमुख सचिव ने सीएम के आदेश का अनुपालन करने के निर्देश शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिए। सीएम की हरी झंडी मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सक्रिय हो गया है। आदेश की कॉपी सभी टेनरियों को अक्टूबर तक डाक के जरिए बोर्ड भेज देगा।

दरअसल, मई में मुख्यमंत्री ने आदेश दिया था कि महाकुंभ के मद्देनजर तीन महीने टेनरियां बंद होंगी। इस फैसले को लेकर टेनरी संचालकों ने मुख्यमंत्री से मिलकर राहत देने की मांग की थी। लेकिन इस बीच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बढ़ी सक्रियता के बाद पता चला है कि मुख्यमंत्री ने 15 दिसंबर से टेनरियों की बंदी के आदेश पर मुहर लगा दी है।
शुक्रवार को प्रमुख सचिव पर्यावरण रेणुका कुमार की तरफ से जारी आदेश टेनरियों को भेजने की तैयारी यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुरू कर दी। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि शासन से सख्त निर्देश है कि टेनरियों को 15 दिसंबर से बंद किया जाना है। इसके आदेश की कॉपी सभी टेनरियों को अक्टूबर तक किसी भी सूरत में पहुंच जानी चाहिए।

तीन महीने तक टेनरियों की बंदी के आदेश पर स्माल टेनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी डाक्टर फिरोज आलम ने एतराज जताया है। उनका कहना है कि उन लोगों ने इस आदेश को समाप्त करने और महाकुंभ में स्नान की तिथियों के तीन दिन पहले टेनरियों को बंद करने का आदेश पिछली सरकारों की तरह जारी किया जाए। ऐसा नहीं होने पर अब वह लोग कोर्ट जाएंगे।
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