UP में वक्फ सम्पत्तियों का सर्वेक्षण करा रही योगी सरकार, बजट के बाद लेगी ये बड़ा फैसला

अल्पसंख्यक मंत्री ने कहा कि ये सभी संपत्तियां मूल्यवान स्थानों पर स्थित हैं। इन संपत्तियों का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है ताकि आम आदमी के लिए इन जगहों पर स्कूल, अस्पताल, पार्क और खेल के मैदान बनाए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश

Survey to Identify Waqf Properties: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार ने यूपी में शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, पार्क, खेलकूद केंद्र आदि जनकल्याणकारी परियोजनाओं की स्थापना के लिए वक्फ अधिनियम के तहत पंजीकृत वक्फ संपत्तियों की पहचान के लिए सर्वेक्षण करवा रही है। इस सर्वेक्षण के पूरा होने के बाद सरकार इन सम्पत्तियों को लेकर बड़ा कदम उठाएगी इसके संकेत मिल रहे हैं। अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ और हज मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार इन संपत्तियों को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने और लोगों के कल्याण के लिए इसका इस्तेमाल करने की इच्छुक है।

वक्फ की सम्पत्तियों से हटेंगे अवैध कब्जे, बनेंगे स्कूल और अस्पताल

धर्मपाल सिंह ने कहा कि,

वक्फ की सम्पत्ति पर कोई व्यावसायिक या आवासीय गतिविधि नहीं हो सकती है। हम इन संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त करने का इरादा रखते हैं और ऐसे स्थानों पर शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग सेंटर, अस्पताल और पार्क बनाएंगे। उत्तर प्रदेश में 162,229 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें 1,50,000 सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और 12,229 शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के साथ पंजीकृत हैं। ये सभी संपत्तियां मूल्यवान स्थानों पर स्थित हैं। सरकार ने अधिकारियों को इन संपत्तियों का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है ताकि आम आदमी के लिए इन जगहों पर स्कूल, अस्पताल, पार्क और खेल के मैदान बन सकें।

कब्जा करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

उन्होंने कहा कि पूर्व में राज्य सरकार ने वक्फ की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। अक्टूबर 2019 में, भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने राज्य में शिया और सुन्नी केंद्रीय वक्फ बोर्डों की संपत्तियों की बिक्री, खरीद से संबंधित कथित विसंगतियों की सीबीआई जांच का आदेश दिया। प्रयागराज और लखनऊ में भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बजट सत्र के बाद जनकल्याणकारी कार्यों के लिए संपत्तियों को चिन्हित करने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

हालांकि अल्पसंख्यक राज्य मंत्री दानिश आजाद ने कहा कि,

राज्य के अल्पसंख्यक विभाग को वक्फ संपत्तियों की पहचान करने के लिए निर्देशित किया गया है, जिनका उपयोग जन कल्याण के लिए किया जा सकता है। कुछ संपत्तियां हैं जो स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, पार्कों आदि के लिए अनुकूल होंगी।

प्रयागराज में शुरू है सर्वेक्षण का काम

इस बीच, राज्य अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने प्रयागराज में उपयुक्त वक्फ संपत्तियों की पहचान करने की कवायद शुरू कर दी है, जहां स्कूल, मदरसे, कॉलेज और खेल एवं स्वास्थ्य केंद्र खुल सकते हैं। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के मुताबिक, प्रयागराज में वक्फ संपत्तियों का इस उद्देश्य के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है। सर्वेक्षण करने के लिए एक वक्फ निरीक्षक और चार अन्य कर्मचारियों की एक समिति बनाई गई है।

सम्पत्तियों का बेहतर उपयोग ही इस अभियान का मकसद

कहा कि उपयुक्त वक्फ संपत्तियों जो खाली हैं, का चयन उनके 'मुतवल्ली' (कार्यवाहक) की सहमति से स्कूलों, कॉलेजों, स्वास्थ्य और खेल गतिविधियों के निर्माण के लिए किया जाएगा। दरअसल इस पहल का मकसद वक्फ संपत्तियों को बेहतर उपयोग के लिए रखना है, वक्फ विभाग के राजस्व में भी वृद्धि करेगा।

चयनित होने वाली वक्फ संपत्तियों पर भवनों के निर्माण का वित्तपोषण वक्फ विकास निगम करेगा। प्रयागराज जिले में ऐसी 2,269 संपत्तियां हैं। इनमें से 2,106 सुन्नी वक्फ बोर्ड के हैं जबकि 163 अन्य शिया वक्फ बोर्ड के हैं। अधिकांश वक्फ संपत्तियां करेली, खुल्दाबाद, बमरौली, धूमनगंज, अतरसुइया और चौक में हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+