UP: महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में हुई देरी तो कम्पनियां होंगी ब्लैक लिस्टेड, योगी ने अफसरों को लगाई फटकार
लखनऊ, 30 अगस्त: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई है। योगी ने विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण (EPC) मोड के तहत उनके रोलआउट को बदलने एवं सरल बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने अमेठी मेडिकल कॉलेज और पुलिस लाइंस के लिए काम शुरू करने में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं पर काम जल्द शुरू किया जाना चाहिए।

ईपीसी मोड में बदलाव लाने की जरूरत
दरअसल योगी आदित्यनाथ ईपीसी मोड में बदलाव पर विचार करने के लिए अपने आवास पर बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सचिव (योजना) की अध्यक्षता में एक कार्यकारी समिति गठित करने का निर्देश दिया जो ईपीसी मोड में किए जाने वाले बदलावों के बारे में सिफारिशें करेगी। समिति में वित्त, गृह एवं लोक निर्माण विभागों के प्रतिनिधि होंगे। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी के लिए जिम्मेदार कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड किया जाना चाहिए।
प्रमुख परियोजनाओं का डीपीआर 6 महीने में पूरा करें
मुख्यमंत्री ने ईपीसी मोड परियोजनाओं से जुड़े शेयरधारकों के फोरेंसिक ऑडिट के लिए भी कहा है। उन्होंने कहा कि प्रमुख परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने के लिए छह महीने की समय सीमा निर्धारित की जाए और 24 महीने में परियोजनाओं को पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2020 से अगस्त 2022 तक राज्य में ईपीसी मोड के तहत 45 परियोजनाएं शुरू की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 74 परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई और 53 को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दी गई।
समस्याओं का सामाधान निकालकर परियोजनाओं में लाएं तेजी
उन्होंने यह भी कहा कि समस्याओं का समाधान ढूंढ़कर परियोजनाओं में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जनहित की 48 परियोजनाएं प्रगति पर हैं और उनमें से 32 पर समयबद्ध तरीके से काम चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 13 परियोजनाएं निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनहित की परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और उनकी लगातार निगरानी की जानी चाहिए।
हर योजना का काम टाइमबाउंड हो
योगी ने अटल आवासीय विद्यालयों, सैनिक विद्यालयों, सरकारी विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों के लिए परियोजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से बच्चों और युवाओं का भविष्य उज्जवल होगा। आने वाले नए विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों की वास्तुकला आकर्षक होनी चाहिए और यह भारत की संस्कृति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के बजट को संशोधित नहीं किया जाना चाहिए और डीपीआर को पारदर्शी तरीके से तैयार किया जाना चाहिए।












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