चुनावी साल में अखिलेश के नक्शे कदम पर चले योगी, लैपटॉप के जवाब में युवाओं को स्मार्टफोन देने का चला दांव
लखनऊ, 06 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर योगी सरकार अब अखिलेश यादव की सरकार के नक्शे कदम पर ही चलते हुए दिखाई दे रही है। वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास स्टूडेंट्स को लैपटॉप देने की घोषणा की थी। इसके अलावा अखिलेश यादव ने युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का भी बड़ा दांव खेला था। चुनाव में जनता ने इन वादों को स्वीकार करते हुए सपा की पुर्णबहुमत की सरकार बनवाई थी। ठीक वैसे ही अब योगी सरकार भी चुनाव से पहले युवाओं को स्मार्टफोन और टैबेलेट देने का दांव चल रही है। क्या इससे सरकार को फायदा मिलेगा या फिर इनका भी हश्र अखिलेश की तरह ही होगा। आइए जानते हैं इसकी पूरी कहानी।

टैबलेट और स्मार्टफोन पर तीन हजार करोड़ खर्च करेगी सरकार
यूपी सरकार 1 करोड़ छात्रों को टैब, फोन देगी यूपी सरकार ने राज्य के एक करोड़ छात्रों को टैबलेट या स्मार्टफोन देने की घोषणा की है। ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, बी.टेक, पॉलिटेक्निक, पैरामेडिकल, नर्सिंग और स्किल डेवलपमेंट करने वाले छात्रों को टैबलेट या स्मार्टफोन मुफ्त दिए जाएंगे। टैबलेट योजना पर 3000 करोड़ रुपये खर्च करेगी योगी सरकार. मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।
अखिलेश ने भी चला था लैपटॉप देने का दांव
दरअसल, पिछली बार अखिलेश यादव की सरकार ने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट पासआउट छात्रों को लैपटॉप दिया था। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 नजदीक आ रहा है। सरकार 18 से 25 साल के युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए यह तोहफा दे रही है। अखिलेश यादव का आरोप है कि सरकार पिछले साढ़े चार वर्षों से पिछली सरकार की योजनाओं का ही फीता काट रही है और उसका उद्घाटन कर रही है।

अखिलेश ने योगी पर लगाया था पुरानी योजनाओं का श्रेय लेने का आरोप
अखिलेश यादव ने आदित्यनाथ सरकार पर सपा सरकार के दौरान पूरी की गई परियोजनाओं का श्रेय लेने का भी आरोप लगाया, जिसे इस साल की शुरुआत में भाजपा के एक झटके में सत्ता से हटा दिया गया था। भाजपा ने भारत को पूरी तरह से डिजिटल बनाने का नारा दिया लेकिन वास्तव में "गाय और गोबर" (गाय और गोबर) में था। अखिलेश यादव ने गायों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की पर भी निशाना साधा था।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा था कि शपथ लेने के बाद से लगातार हमारी योजना का नाम बदलने वाले योगी आदित्यनाथ अब भी नहीं रुक रहे हैं। सरकार ने अब तक कोई नया काम नहीं किया है। हर योजना का नाम बदलने वाली सरकार कब काम करेगी, यह कोई नहीं बता सकता। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा था।

चुनाव से पहले योगी का युवाओं पर फोकस
उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में सम्पन्न 2021-22 के विधानसभा सत्र के दौरान 7301.52 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था जिसमें तीन हजार करोड़ रुपए में युवाओं को स्मार्टफोन या टैबलेट देने पर खर्च करेगी। यूपी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि टैबलेट / स्मार्टफोन योजना "चुनाव से पहले सपा की लैपटॉप वितरण पहल का भाजपा का जवाब है।
अधिकारी ने बताया कि यह भाजपा को पहली और दूसरी बार के युवा मतदाताओं को लुभाने में भी मदद करेगा। अखिलेश सरकार की लैपटॉप योजना ने उनके शासन के दौरान बहुत ध्यान आकर्षित किया। अब, सरकार चुनाव से पहले छात्रों का समर्थन खोना नहीं चाहती है। इसीलिए पूरे अनुपूरक बजट में, मुख्य रूप से युवाओं, कर्मचारियों और किसानों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

सपा ने कहा- भाजपा का एक और ''झूठा वादा'' है
सपा प्रवक्ता राजीव राय ने कहा, "भाजपा सरकार ने 2017 के विधानसभा चुनावों के लिए अपने घोषणा पत्र में की गई कई घोषणाओं को पूरा नहीं किया है और अब भी वे घोषणाएं कर रही हैं।" "मैं कहूंगा, 'घोषना बाबा' की फ़र्ज़ी घोषना है ये। राजीव राय कहते हैं कि,
''सरकार पहले दिन से ही अखिलेश यादव सरकार की योजनाओं को अपना बताकर फीता काटने में लगी हुई है। चाहते एकाना स्टेडियम हो या मेट्रो की शुरुआत। दोनों अखिलेश के समय में हुआ। इन्होंने स्टेडियम का नाम बदलकर अपना बता दिया। समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास सपा सरकार ने किया था लेकिन सरकार ने इससे समाजवादी शब्द हटाकर अपना बता दिया। आगरा- लखनऊ एक्सपेस वे को रिकॉर्ड समय में सपा सरकार ने पूरा किया था लेकिन अब सरकार कह रही है कि इसे पूरा हमने किया। इसी तरह बहुत से योजनाएं और काम हैं जिनको पिछले साढ़े चार वर्षों से ये लोग अपना बताने का काम कर रहे हैं।"












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