गीता की तुलना ताजमहल से नहीं की जानी चाहिए- योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ ने 100 दिनों के अपने कार्यकाल के बारे मे रखा सरकार का पक्ष, बोले हमने कार्यसंस्कृति को बदला है।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के 100 दिन के कार्यकाल पर बोलते हुए कहा कि हमने प्रदेश में कार्यसंस्कृति को बदलने का काम किया है। चुनाव के वक्त हमने भले ही कुछ कहा हो, लेकिन अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में समान रूप से सुविधाएं पहुंचाना लक्ष्य है। 14 अप्रैल से हमने सभी 75 जिलों में 24 घंटे बिजली पहुंचाने का काम किया। अब 24 घंटे में शहरी क्षेत्र के वह 48 घंटे में ग्रामीण क्षेत्र के ट्रांसफार्मर खराब होने पर बदलता है।

मीडिया ने इसे बहुत चलाने एक लाख 21 हजार किलोमीटर की सड़कें गड्ढायुक्त थी, हम उस लक्ष्य को प्राप्त करतें, लेकिन खनन को लेकर पिछली सरकार की जो नीति थी वह लोगों को पता है, खनन मंत्री के पास उतना पैसा था जितना विभाग का राजस्व नहीं था। हमने ई-टेंडरिंग के जरिए इस काम को सही किया, जिसके चलते काम थोड़ा प्रभावित हुआ, लेकिन हम आने वाले समय में प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करेंगे।
मुख्यमंत्री के भाषण के मुख्य अंश
- लोहिया ने कहा था कि अगर भारत को भारत बने रहना है तो उसे राम, शिव और विष्णु के प्रति आस्था बनाए रखनी होगी।
रामायण, गीता और वेद का हमें सम्मान करना होगा - ताजमहल एक पर्यटन का केंद्र हो सकता है लेकिन धर्म का केंद्र नहीं।
- गीता की तुलना ताजमहल से नहीं की जानी चाहिए
- योगी की विधा को पहली बार आजादी के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली।
- पहली बार हो रहा है हमने देश को गीता, रामायण वेद से जोड़ा है, हमने इसे जोड़ने के साथ मजबूती से आगे बढ़ाने का काम किया है।
- अयोध्या में लाखों श्रृद्धालु आते हैं, अगर उनकी सुविधाओं के लिए अगर सरकार काम कर रही है तो मुझे नहीं लगता है कि किसी को दिक्कत होगी।
- अयोध्या उपेक्षित थी, आजादी के बाद से उसका विकास नहीं हुआ है।
- परिवारवाद और जातिवाद का प्रदेश की राजनीति में कोई स्थान नहीं है, अखिलेश और मायावती की जोड़ी बेमेल जोड़ी।
- बिना किसी से मदद मांगे हम किसानों की कर्जमाफी को लागू करने जा रहे हैं, यह काम पूरा हो चुका है।
- किसान कर्जमाफी किसानों के लिए उपहार नहीं हैं
- प्रदेश के अंदर बहुसंख्यक समाज का सम्मान करेंगे, यूपी में इस तरह की गतिविधियों को हम सख्ती से रोकेंगे।
- इस सरकार के आने के बाद तस्करी बिल्कुल नहीं के बराबर है।
- अगर कोई गो तस्करी कर रहा है तो प्रशासन उसकी पूजा नहीं करेगा
- जो लोग अन्य दलों से बेरोजगार हुए हैं, बहुत सारे लोगों ने भगवा गमछे डालकर निकले है, प्रदेश में एक भी गोरक्षा के नाम पर घटना नहीं हुई है।
- कोई संगठन हो अगर वह कानून हाथ में लेगा, तो कानून अपना काम प्रारंभ करेगा, फिर वह कोई भी दल हो, चाहे हिंदू युवा वाहिनी हो।
- इस दौरान मैंने मंत्रियों के कार्यक्रम रद्द करा दिए थे, जिसके बाद जिलाधिकारी, कमिश्नर, एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई की गई
- मैंने पूछा था किसने इजाजत दे दी मायावती को वहां जाने की
- इस साजिश की आग में घी डालने का काम मायावती ने किया था।
- सहारनपुर के अंदर घटना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था
- कानून को भी तोड़े, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- लीडरशिप अगर अच्छी हो तो शासन अच्छा चलता है।
- आज प्रदेश के गांव में बिजली जलती हुई दिखाई देगी।
- हमने यूपी में 5 हजार गेंहू क्रय केंद्र खोले, हमने रिकॉर्ड 37 लाख मीट्रिक टन गेंहू खरीदा और आरटीजीएस के माध्यम से किसानों के खाते में सीधा पैसा गया।
- मेरा मानना है कि व्यक्ति के लिए संस्थाओं को नष्ट नहीं करना चाहिए, किसी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं मिलना चाहिए कि इस व्यवस्था को रद्द करें। इस सरकार ने पिछले 100 दिन में कार्यसंस्कृति को स्थापित किया गया है।
- कार्यालय आने का कोई समय नहीं था, फाइलें धूल फांक रही थी, एक कार्यसंस्कृति को बनाने की कोशिश की गई कि वह अपने कार्यालय में बैठकर जन समस्याओं का समाधान करे।
- यूपी में न्यायपालिका के आदेश यूपी में लागू नहीं हो पा रहे थे, मुझसे कहा गया कि अवैध बूचड़खानों के खिलाफ काम नहीं हो पाएगा, जिसपर मैंने कहा कि जो अबतक नहीं हो पाया है वह हुआ, जिस प्रशासन को लगता था यह असंभव है, उसी प्रशासन ने चौबीस घंटे के भीतर इन अवैध बूचड़खानों को बंद कराया।
- सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश को भी यहां की सरकार नहीं मान रही थी, अवैध बूचड़खाने चल रहे थे।
- नौजवानों का पलायन, आत्महत्या कर रहा किसान, बुनियादी सुविधाओं से वंचित उत्तर प्रदेश का आम नागरिक, असुरक्षित बेटी और माताए, यह उत्तर प्रदेश का विकृत चेहरा बना दिया गया था, पिछली सरकार के द्वारा।












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