फिजूलखर्ची रोककर किसानों की कर्जमाफी का इंतजाम किया- योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के बजट को बताया विकास की ओर ले जाने वाला, बोले प्रदेश के विकास को मिलेगी रफ्तार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में अपनी सरकार के पहले बजट के पेश होने के बाद प्रेस कांफ्रेस में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का बजट, गांव, गरीब को समर्पित है। प्रदेश के इस बजट के जरिए हम यूपी के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से बजट में बहुत सारे ऐसे मुद्दे हैं जिनको लेकर हमने कार्य प्रारंभ किया है, ताकि प्रदेश आधुनिकता की ओर बढ़े। इसके साथ ही प्रदेश के ढांचागत विकास का भी इस बजट में ध्यान रखा गया गया है।

प्रदेश के भीतर कुछ नए शहरों में मेट्रो को शुरू करने के साथ कुछ बुंदेलखंड को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने का हमने प्रावधान किया है। हमने मेक इन यूपी, पॉवर फॉर ऑल जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। हमारा मानना है कि डिजिटल इंडिया के जरिए प्रदेश के विकास को रफ्तार दे सकते हैं। पहले राज्य सरकार का घरेलू ऋण 30 फीसदी से अधिक था जो अब तकरीबन 28 फीसदी तक आ गया है, वह हमारी उपलब्धि है।
शासन की फिजूलखर्जी पर रोक लगाई गई है, इसके लिए तकनीका का इस्तेमाल किया गया, इसकी वजह से प्रदेश की जीडीपी बढ़ी है, जो हमें किसानों के लिए 36 हजार करोड़ रुपए आंवंटित करने में मदद की है। हमने लोक कल्याण संकल्प पत्र में जितने भी संकल्प लिए थे, उसे पूरा करने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं।
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ऐसा पहली बार है कि जनता पर नए कर का बोझ डाले बिना और किसी और के आगे हाथ फैलाए हम किसानों की कर्जमाफी के लिए 36 हजार करोड़ का बजट में आवंटन किया है। हमने फिजूलखर्जी में कमी की है, इसके साथ ही तमाम अलग खर्चों पर रोक लगाकर राजस्व में बढ़ोत्तरी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जीडीपी में बढ़ोत्तरी हुई है।












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