दरगाह की जगह बनेगा मंदिर, VHP के प्लान को योगी की मंजूरी
योगी आदित्यनाथ ने विश्व हिंदू परिषद की कई मांगों पर भरी हामी, मजार के पास बनेगा सूर्य मंदिर, तो आर्मी स्कूल का बदलेगा नाम
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद से ही लगातार मीडिया की सुर्खियों में है। लेकिन अब मुख्यमंत्री एक बार फिर से अपने नए फैसले को लेकर चर्चा में आ गए हैं। वीएचपी के एक कार्यक्रम में जिस तरह से मुख्यमंत्री ने बहराइच में सूर्य मंदिर बनाने की मांग पर सहमति जताई है और लखनऊ के सैनिक स्कूल को राजा सुहेलदेव के नाम पर करने की बात कही है उससे एक बार फिर से वह चर्चा में आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने राजा सुहेलदेव के नाम पर एक मेमोरियल बनाने की मांग पर भी हामी भर दी है।

कौन लोग हैं जो गोरी, औरंगजेब से रिश्ता जोड़ना चाहते हैं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम हिंदू विजय उत्सव में बोल रहे थे, इस दौरान उन्होंने गाजी सैय्यर सलार मसूद पर राजा सुहेलदेव की जीत का बारे में बात की। उन्होंने बताया कि सलार मसूद महमूद गजनी का भतीजा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस देश मे एक भी व्यक्ति का नाम बताइए जो अशफाक उल्ला खां, अब्दुल हमीद, एपीजे अब्दुल कलाम की इज्जत नहीं करता है। लेकिन इस बात पर भी चर्चा होनी चाहिए कि कौन लोग हैं जो गजनी, गोरी, खिलजी, बाबर, औरंगजेब से अपना रिश्ता जोड़ना चाहते हैं, क्या इन्हें कोई जगह मिलनी चाहिए।

गोरी और उसके भतीजे ने देश पर हमला किया
मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति पर बात करते हुए कहा कि पाठ्यक्रम में राजा सुहेलदेव जैसे महान राजाओं के साथ लखन पासी, झलकारी बाई को शामिल किया जाएगा, नई शिक्षा नीति को अगले सेशल में अपनाया जाएगा। महमूद गजनी और उसके भतीजे ने देश में कई हमले किए और कई मठ और मंदिरों को तोड़ दिया, ये लोग देश को बांटने का काम करते थे और राजा सुहेलदेव इन लोगों के इस गेमप्लान को समझते थे। विदेशी आक्रमणकारियों के आने के बाद लोग देश के हीरो राजा सुहेलदेव को भूल गए।

वीएचपी की कई मांगों पर सीएम ने जताई सहमति
आपको बता दें कि इससे पहले वीएचपी ने मांग की थी कि राजा सुहेलदेव के पराक्रम को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए और इनकी मूर्ति को श्रावस्ती और बहराइच में बनवाना चाहिए, यही नहीं बहराइच में सुहेलदेव का स्मारक बनवाना चाहिए। वीएचपी ने मांग की थी कि लखनऊ के सैनिक स्कूल का नाम बदलकर राजा सुहेलदेव के नाम पर किया जाना चाहिए, सलार मसूद की दरगाह के पास मंदिर को बनाना चाहिए जहां मंदिर को तोड़ दिया गया था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेमोरियल बनेगा और मूर्तियां लगवाई जाएंगी, यही नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि वीएचपी की और भी मांगों से मैं सहमति व्यक्त करता हूं।

आरएसएस दलितों के उत्थान के लिए काम कर रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने इतिहास के साछ छेड़छाड़ की है उनको सामने लाना चाहिए, उन्होंने कहा कि जब आरएसएस दलितों के उत्थान के लिए काम कर रहा है तो उसपर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाया जाता है। मैं चाहता हूं कि इस बात पर बहस की कौन सांप्रदायिक है और कौन नहीं। जिन लोगों ने इतिहास के साथ छेड़खानी की है वह अपने आप को मानवतावादी कहते हैं, लिहाजा इस मुद्दे पर बहस होनी चाहिए।












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