यूपी की कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए योगी आदित्यनाथ का मेगा प्लान
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बनाई खास योजना, कम्युनिटी पुलिसिंग निभाएगी अहम भूमिका
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से जातीय हिंसा बढ़ी है उसे देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने इससे निपटने के लिए नया रास्ता ढूंढ़ निकाला है। प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द को कायम करने के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग की शुरुआत करने जा रही है। इसके लिए प्रदेश के हर जिले में एक डिप्टी एसपी को नोडल अधिकारी बनाने का निर्देश दिया गया है, इसके साथ ही कानून व्यवस्था को कायम रखने में विफल होने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

तमाम अधिकारियों संग सीएम ने की बैठक
गौरतलब है कि यूपी चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में जनता से यह वायदा किया था कि वह प्रदेश में कानून व्यवस्था का राज स्थापित करेगी और इसके लिए वह कम्युनिटी पुलिसिंग की शुरुआत करेगी। अपने इसी चुनावी वायदे को पूरा करने के लिए योगी सरकार कम्युनिटी पुलिसिंग की शुरुआत करने जा रही है। इसके लिए प्रदेश के मुख्य सचिव राहुल भटनागर, प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार, डीजीपी सुलखान सिंह के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर बैठक की।

क्या है कम्युनिटी पुलिसिंग
प्रदेश के तमाम इलाकों में सांप्रदायिक सौहार्य को कायम करने के लिए उस इलाके में रहने वाले शांति पसंद लोगों का एक गुट बनाया जाएगा और इन लोगों को पुलिस के साथ गश्त करने के लिए बुलाया जाएगा। इस गुट में तमाम जाति और धर्म के लोगों को शामिल किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस कदम से पुलिस को इलाके में बढ़ते अपराध को रोकने में मदद मिलेगी।

कानून व्यवस्था को कायम करना लक्ष्य
बैठक के दौरान प्रदेश की कानून व्यवस्था के हालात और बढ़ती आपराधिक घटनाओं की विवेचना की गई। इस दौरान इस बात का निर्णय लिया गया कि प्रदेश में कम्युनिटी पुलिसिंग की शुरुआत की जाए। प्रदेश के हर जिले में इसके लिए एक नोडल अधिकारी को तैनात करने का भी निर्देश दिया गया है, जो जिले में बेहतर कम्युनिटी पुलिसिंग को लागू कराने का काम करेगा, साथ ही अपने जिले की कानून व्यवस्था के लिए इस अधिकारी को जवाबदेह बनाया जाएगा।

पेट्रोलिंग बढ़ाने का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक के दौरान तमाम अधिकारियों को निर्देश दिए कि डायल 100 को और बेहतर और चौकर बनाया जाए, साथ ही सभी जिलों को पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जाएं। मुख्यमंत्री ने पूरी व्यवस्था की हर रोज समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है। साथ ही एसएसपी को डायल 100 की कार्यशैली की रिपोर्ट भी देने का निर्देश दिया है। प्रदेश में बढ़ते अपराध को रोकने के लिए मुख्यंत्री ने अधिकारियों को पेट्रोलिंग बढ़ाने को भी कहा है।

डीजीपी ने पैदल मार्च के दिए निर्देश
सड़क किनारे अवैध झोपड़ियां बनाकर रहने वालों की मुख्यमंत्री ने समय-समय पर सत्यापन किए जाने को कहा है। उन्होंने कहा कि इलाके के पुलिस स्टेशन इन झोपड़ियों में अस्थायी रुप से रहने वालों का सत्यापन करे। उन्होंने तमाम पुलिस अधिकारियों को बिना दबाव के काम करने को कहा है, जिससे कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद डीजीपी सुलखान सिंह ने तमाम पुलिस अधिकारियों को पैदल मार्च पर अधिक से अधिक जोर देने को कहा है। इसके लिए डीजीपी सुलखान सिंह ने तमाम पुलिस अधीक्षकों को बकायदा एक सर्कुलर जारी करके कहा है कि हर रोज कम से कम एक घंटे तक अधिकारी पैदल गश्त करें और इस दौरान लोगों की शिकायतों को सुनें।












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