Women Reservation: UP में कांग्रेस का तीखा हमला, महिलाओं के लिए आरक्षण तुरंत लागू करो, BJP का दिखावा बंद!

Women Reservation Bill: उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने महिलाओं के आरक्षण को लेकर BJP सरकार पर हमला बोल दिया। 26 अप्रैल को लखनऊ में कांग्रेस के 'विचार विभाग' द्वारा आयोजित सेमिनार में महासचिव और UP प्रभारी अविनाश पांडे ने साफ कहा कि BJP लोकसभा में महिलाओं को तुरंत आरक्षण दे, दिखावा बंद करे। कांग्रेस पूरा समर्थन देगी।

सेमिनार का शीर्षक था- 'महिला आरक्षण अधिनियम: सम्मान या धोखा?' इसमें कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि 2023 में पास हुआ महिला आरक्षण कानून 2029 तक टालने के बजाय अभी लागू किया जाए।

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अविनाश पांडे का तीखा बयान

अविनाश पांडे (Avinash Pandey) ने कहा कि महिलाएं समान अधिकार की हकदार हैं। कांग्रेस ने हमेशा उन्हें मुख्यधारा में लाने का काम किया। इंदिरा गांधी को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनाना इसी का सबूत है। BJP आज आरक्षण की बात करती है, लेकिन इरादे पर सवाल हैं। 2023 में कांग्रेस के समर्थन से बिल पास हुआ, फिर भी BJP इसे लागू नहीं कर पाई।

उन्होंने जोर देकर कहा कि BJP को लोकसभा में तुरंत आरक्षण देना चाहिए। हमारा पूरा समर्थन है, लेकिन सिर्फ दिखावा न करे। जनता सब जानती है।

अजय राय और आराधना मिश्रा का हमला

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने BJP पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस आदमी से अपनी पत्नी का सम्मान नहीं हो सकता, उससे देश की महिलाओं का सम्मान कैसे उम्मीद करें? BJP के विधायकों ने BHU बलात्कार आरोपी पदाधिकारियों का स्वागत किया। वे महिलाओं के सम्मान का मजाक उड़ा रहे हैं।

विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने कांग्रेस का इतिहास गिनाया। कहा कि राजीव गांधी ने पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण दिया था, तब BJP ने विरोध किया था। क्या BJP कभी अपनी राष्ट्रीय अध्यक्ष या प्रधानमंत्री किसी महिला को बनाएगी? कांग्रेस ने इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाया। उन्होंने UP सरकार से सवाल किया कि क्या आप केंद्र को 33% आरक्षण के लिए प्रस्ताव भेजेंगे? अगर भेजेंगे तो हम पूरा समर्थन देंगे।

मुख्य वक्ता रूपरेखा वर्मा का खुलासा

लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति रूपरेखा वर्मा ने कहा कि हम पुरुषों के बराबर अधिकार नहीं, बल्कि साझा और एकीकृत अधिकार चाहते हैं। बिल 2023 में पास हो गया, फिर 2029 तक टालने का क्या मतलब? यह महिलाओं के साथ क्रूर मजाक है।

उन्होंने समाज की मानसिकता पर सवाल उठाया कि एक लड़की के साथ भेदभाव उसके जन्म से पहले शुरू हो जाता है। इस मानसिकता को बदलना होगा।

बिल क्या था और क्यों गिर गया?

17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल गिर गया।

  • समर्थन: 298 वोट
  • विरोध: 230 वोट
  • जरूरी: 352 वोट (दो-तिहाई बहुमत)

बिल की मुख्य बातें:

  • लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव (2011 जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद)।
  • विधानसभाओं में भी सीटें बढ़ाकर 33% महिलाओं को आरक्षण।
  • लागू होने की तारीख: 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले।

कांग्रेस का आरोप है कि BJP ने जानबूझकर देरी की।

कांग्रेस का संदेश साफ

कांग्रेस ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और आरक्षण (Mahila Arakshan) दोनों चाहिए। दिखावा नहीं, असली अमल चाहिए। पार्टी ने BJP को चुनौती दी कि अगर वे सच में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं तो बिल तुरंत लागू करें।

UP कांग्रेस का यह सेमिनार सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की राजनीतिक मांग है। 2023 का बिल पास होने के बावजूद 2029 तक टालना कांग्रेस को 'धोखा' लग रहा है। अब देखना होगा कि BJP इस मांग पर क्या रुख अपनाती है।

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