मां ने 7 साल की बेटी को 2 लाख में बेचा, सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
बिजनौर। सरकार भले ही गरीबों के लिए कितनी भी योजना बनाले लेकिन ये योजनायें गरीबों तक नहीं पहुंचती है। गरीबी के चलते भूखमरी के कगार पर पहुंचे एक परिवार को अपना और अपने बच्चों का पेट पालने की खातिर सात साल की लड़की को बेचना पड़ा। मामला बिजनौर के थाना धामपुर क्षेत्र के मुहल्ला महल सराय में मुफलिसी की जिंदगी से जूझ रहे एक परिवार ने अपनी सात साल की बेटी को दो लाख रुपये में बेच दिया।

परिवार का मुखिया असलम एक बैंड पार्टी में काम करता है
परिवार का मुखिया असलम एक बैंड पार्टी में काम करता है। आय का कोई दूसरा साधन नही है असलम के चार बेटियां और एक लड़का है। परिवार की तंग हालत को देखते हुए असलम की पत्नी ने अपने मायके नहटौर गई। वहां जाकर उसने एक वकील को अपनी बड़ी बेटी का सौदा कर दिया। बेटी को वकील के पास छोड़ कर महिला अपनी छोटी बेटी को साथ लेकर घर आ गई। जब परिजनों ने बड़ी बेटी के घर ना आने के कारण पूछा। तो महिला ने बताया वह नहटौर में एक व्यक्ति के घर पर काम करेगी।

बेटी को वकील के हाथ दो लाख रुपया में बेचा
जब परिवार के लोगों ने महिला पर दबाव बनाया तो पता लगा कि उसने बेटी को वकील के हाथ दो लाख रुपया में बेच दिया है। परिवार ने बेटी को नागौर से वापस लाने का दबाव बनाया लेकिन वकील ने दो लाख वापस देने पर ही किशोरी को वापस करने की बात कही। इसके बाद परिजनों ने डीएम से शिकायत कर किशोरी को वापस दिलाने की गुहार लगाई है।

परिवार का हुक्का पानी बन्द
इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। उसके पड़ोसियों का कहना है कि पति शराबी है, महिला किसी तरह कमाकर बच्चों का पालन करती है। जिस कारण से महिला ने बच्ची को बेचने का फैसला किया। मुहल्ले में बैठी पंचायत ने बेटी वापस नहीं लाने पर पूरे परिवार का हुक्का पानी बन्द करने का फरमान सुना दिया है।












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