बीवी तब बनाता जब बाइक मिलती, दुल्हन करती रह गई बारात का इंतजार

10 सितंबर को बारात आनी थी, लड़की वालों ने धूमधाम के साथ तैयारियां शुरू कर दी और शादी में दिए जाने वाले दहेज और जेबरात भी खरीद लिए। हर तरफ शहनाइयों की तैयारियां चल रही थीं।

संभल। अपने राजकुमार का इंतजार करते-करते एक युवती तब निराश हो गई जब बारात ही नहीं आई। मेहमान घर आ चुके थे, शादी की तैयारियां हो चुकी थीं तभी पता चला की लड़के वालों ने मोटर साइकिल मांग कर दी। बेचारा गरीब-परिवार मोटरसाइकिल की व्यवस्था नहीं कर सका। जिसकी वजह से एक लड़की की डोली आए बिना ही लौट गई, घर में एक तरह से गम का माहौल हो गया। सारे मेहमान वापस लौटने लगे, मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल हो गया मगर दहेज के भूखे को उनके आंसू नहीं दिखे और उन्होंने बारात लाने से साफ इनकार कर दिया।

Without bike he did not Marriage

यूपी के संभल में एक दिल तोड़ने का मामला सामने आया जहां केवल एक अपाची मोटर साइकिल की मांग पूरी ना होने पर लड़के ने बारात लाने से साफ इनकार कर दिया और एक बाप के अरमानों पर पानी फेर दिया। एक बाप की पगड़ी को ठोकर मार दी, एक मां के कलेजे को ठेस पहुंचा दी। यूपी के संभल थाना असमोली के एक गांव में 10 सितंबर को एक बाप की बेटी गांव के ही एक युवक मुहम्मद अब्बास के लिए दुल्हन के रूप में सजी। 10 सितंबर को बारात आनी थी, लड़की वालों ने धूमधाम के साथ तैयारियां शुरू कर दी और शादी में दिए जाने वाले दहेज और जेबरात भी खरीद लिए। हर तरफ शहनाइयों की तैयारियां चल रही थीं। बारात के ठहरने की व्यवस्था हो चुकी थी। बस कमी थी तो बारात आने की मगर उस बदनसीब लड़की को ये नहीं पता था कि जिसकी टकटकी लगाए वो इंतजार कर रही है।

वो उससे नहीं बल्कि मोटर साइकिल से शादी करना चाह रहा था। जब ये बात लड़की वालों को पता चली की लड़के ने अपनी मांग में अपाची मोटर साइकिल मांगी है और वो मांग पूरी नहीं होने पर बारात नहीं ला रहा तो एक बेसहारा बाप और मां की आंखों से तुरंत आंसू निकल गए। इसके बाद पूरे घर में शहनाई की जगह गम पसर गया, पहले तो एक बेसहारा बाप ने मोहल्ले की पंचायत द्वारा मामले को निपटाने की कोशिश की ताकि कहीं इस कोशिश से उसकी बेटी रुकसत हो सके। वो भी अपनी बेटी का कन्यादान कर सके मगर उसकी वो कोशिश कामयाब नहीं रही। फिर उसने पुलिस का सहारा लिया मगर पुलिस ने भी बेसहारा बाप को इधर से उधर टेहला दिया।

Without bike he did not Marriage

उसके घर में शहनाई नहीं बज सकी, सारे सपने चूर-चूर हो गए। पूरे घर में मातम पसर गया कि मनों जैसे दुनियां ही उजड़ गई हो और ये कहना भी गलत नहीं होगा की पूरी बिरादरी में कार्ड बांट दिए। बारात की तैयारियां हो गईं। फिर अचानक बारात नहीं आई तो जैसे एक बाप की पगड़ी को ठोकर सी लगी हो। क्या इस समाज में दहेज ही सब कुछ है, क्या किसी की इज्जत का कहीं कोई मोल नहीं? क्या इस समाज में लड़कियों की बजाए शादी दहेज से होती है, आखिर कब तक इसी तरह दहेज की घटनाएं सामने आती रहेंगी। आखिर क्यों प्रशासन इसको गंभीरता से नहीं लेता। आखिर कब तक एक बाप की पगड़ी इसी तरह ये दहेज के भूखे उछालते रहेंगे।

बाप ने अपनी बेटी की मंगनी 7 महीने पहले मोहल्ले के ही युवक मुहम्मद अब्बास से कर दी थी। मंगनी में 88 हजार नकद और 16 जोड़े कपड़े दिए गए वो भी लड़के वालो के पास हे बेसहारा बाप ने ये सब अपनी 1 बीघा जमीन बेचकर किया ताकि उसकी बेटी की डोली उठ सके उसे वो अपने हाथो से रुक्सत कर सके मगर उसके सारे सपने चकना चूर हो गए हमने जब लड़की की मां से बात की तो उन्होंने अपना दर्द बयांन किया और बताया की कैसे उनकी बेटी की शादी टूट गयी। एसओ असमोली शेलेन्द्र चौहान ने बताया कि लड़की की मां की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

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