पति ने बीवी को छत से फेंका, पिता ठेले पर लादकर पहुंचा एसपी ऑफिस
दहेज के लिए हरदोई में एक पति हैवान बन गया और उसने पत्नी को छत से फेंक दिया। स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो पिता को बड़ा कदम उठाना पड़ा।
हरदोई। उत्तर प्रदेश में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे तमाम अभियान चलाकर समाज में बेटी की उपयोगिताओं को बताया जा रहा है लेकिन इनका कितना असर लोगों पर हो रहा है इसका एक उदाहरण हरदोई में देखने को मिला। यहां दहेज की मांग पूरी न होने पर एक नवविवाहिता को उसके पति ने मारपीट कर छत से नीचे फेंक दिया जिससे उसके हाथ पैर टूट गए। गंभीर हालत में इलाके के लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर उसकी हालत को नाजुक देखकर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

पुलिस कार्रवाई के लिए पिता ने ये किया
इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है। पुलिस ने किसी भी तरह की जब कोई कार्रवाई नहीं की तो नवविवाहिता के पिता ने अपनी पुत्री को ठेले पर लादकर एसपी ऑफिस का रुख किया और वहां पर आलाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई।

दहेज के लिए पति बन गया हैवान
पति के दिए गए दर्द से लड़ रही है ठेलिया पर लेटी महिला अपने दोनों पैर और हाथ तुड़वा चुकी है और इसके पीछे कोई खास वजह नहीं बल्कि एक लालच है और वह लालच है एक मोटरसाइकिल का, 50000 रुपयों का और एक सोने की चैन का। आपको बता दें 3 वर्ष पूर्व रामाधार ने अपनी पुत्री प्रीति का विवाह पिपरनपुरवा थाना हरियावां के रहने वाले विजय पुत्र रामलाल के साथ किया था। अपनी हैसियत के मुताबिक उसने वो तमाम सुख और सुविधाएं अपनी बेटी को मुहैया कराई लेकिन शायद दिए गए सामान और नगदी से प्रीति के ससुराल के पक्ष के लोग संतुष्ट नहीं थे जिसके चलते आए दिन पति-पत्नी में दहेज को लेकर विवाद होता रहता था।
देखिए इस पूरी घटना का वीडियो
हद तो तब हो गयी जब घर की छत पर फिर वही मसला छिड़ा और ताव में आकर पहले तो विजय ने प्रीति को जमकर धुना और फिर छत से नीचे फेंक दिया। गंभीर हालत में इलाके के लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद स्थानीय पुलिस से जब शिकायत की गयी तो पुलिस ने मामला तक दर्ज करना उचित नहीं समझा। थक-हार कर पिता रामधार ने अपनी बेटी को ठेले पर लादा और न्याय की आस में पुलिस अधीक्षक कार्यालय आ पहुंचा जहां सीओ हरियावां श्यामकांत त्रिपाठी ने मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।












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