फरसा वाले बाबा कौन थे? जिनकी ईद के दिन मथुरा में हुई हत्या पर आगबबूला हुए लोग
Who was Farsa Wale Baba? मथुरा के कोसी कलां के पास दिल्ली-आगरा हाईवे पर 21 मार्च 2026 (शनिवार) को भारी जाम लग गया। 'फरसा वाले बाबा' नाम से प्रसिद्ध गौ रक्षक चंद्रशेखर की ईद के दिन कथित हत्या किए जाने के बाद, आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने मुख्य मार्ग अवरुद्ध किया, जिससे दिल्ली-आगरा ट्रैफिक बुरी तरह से थम गया है।
ईद के दिन कृष्ण की नगरी में हुई हत्या
पुलिस के मुताबिक, चंद्रशेखर को सुबह तड़के गौ तस्करों से जुड़े एक वाहन ने कथित तौर पर कुचल दिया। यह घटना तब हुई जब वह संदिग्ध वाहन का पीछा कर रहे थे, और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। खबर फैलते ही, आसपास के क्षेत्रों से लोग भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। चंद्रशेखर की मौत से आक्रोशित प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठे और आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।

कौन थे "फरसा वाले बाबा"?
'फरसा वाले बाबा' वह चंद्रशेखर नामक व्यक्ति थे, जिन्हें उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के ब्रज क्षेत्र में गौवंश (गाय‑भैंस) की सुरक्षा और गौतस्करी के खिलाफ सक्रिय काम करने वाले एक निडर गोरक्षक के रूप में जाना जाता था। गांव अंजनोख में उनकी अपनी एक गोशाला थी जहां वो गऊ सेवा में ही अपना पूरा समय बिताते थे।
क्यों मिला फरसा वाले बाबा का नाम?
चंद्रशेखर को फरसा वाले बाबा का नाम इसलिए मिला क्योंकि वे अक्सर फरसा-कुल्हाड़ी जैसे औजार-हाथ में लेकर रहते थे, और इसी पहचान के कारण लोग उन्हें 'फरसा वाले बाबा' कहकर बुलाते थे। स्थानीय लोगों के बीच वे अपनी साहसिकता और सक्रियता के लिए बेहद लोकप्रिय थे और हमेशा अवैध गौ‑तस्करी को रोकने में शामिल रहते थे।
अब गौरक्षा करते हुए गंवाई जान
'फरसा वाले बाबा' अक्सर गौ‑तस्करी के संदेह में वाहनों का पीछा करते थे। अपने क्षेत्र में गो-वंश की अवैध ढुलाई की सूचना मिलने के बाद वो 21 मार्च 2026 को अपने साथियों संग तस्करों का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान, बचने के प्रयास में तस्करों ने अपनी गाड़ी सीधे बाबा पर चढ़ा दी। बाबा का पार्थिव शरीर उनके गांव अंजनोख स्थित गोशाला लाया गया, जहां हजारों ग्रामीण और गो-भक्त एकत्र हुए।
यह भयावह मंजर देख आसपास के लोग स्तब्ध रह गए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।भीड़ ने राजमार्ग पर खड़े वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया जिसमें कारों के शीशे ट्रटे। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को शांत करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।












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