कौन हैं मनोज पांडेय? जिन्होंने सपा से दिया इस्तीफा, अखिलेश के करीबी 'मनोज' भाजपा में हो सकते हैं शामिल!
Who is Manoj Pandey: उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 से पहले समाजवादी पार्टी को मंगलवार को बड़ा झटका लगा। सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव के बेहद करीबी विधायक मनोज पांडेय ने सपा के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया है।

सपा विधायक मनोज पांडेय ने ऐसे समय में इस्तीफा दिया जब आज यूपी राज्यसभा की 10 सीटों के लिए मंगलवार को वोटिंग चल रही थी। माना जा रहा मनोज पांडेय राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में अपना वोट देंगे। इसके साथ ही जल्द मनोज पांडेय जल्द भाजपा में शामिल हो जाएंगे।
सीएम योगी से हो चुकी है बात!
अखिलेश यादव को पत्र लिख कर सपा सचेतक पद से इस्तीफा देने वाले मनोज पांडेय के बारे में चर्चा है कि उनकी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार दया शंकर सिंह आज सुबह मनोज पांडेय के घर पहुंचे थे और वहां से उन्होंने फोन पर सीएम योगी से बात करवाई है। मनोज पांडेय का भाजपा में आना तय माना जा रहा है।
मोदी-योगी लहर में मनोज पांडेय ने सपा को दिलाई जीत
बता दें कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली रायबरेली की ऊंचाहार विधासभासीट 2008 में अस्तित्व में आई। उसी ऊंचाहार सीट से मनोज पांडेय पिछली तीन बार से विधायक हैं। सपा 2012 में पहली बार इस सीट पर विधानसभा चुनाव हुए और समाजवादी पार्टी के टिकट पर डॉ मनोज पांडेय ने जीत हासिल की।
लगातार तीन बार से हैं सपा के विधायक
इतना ही नहीं 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव के समय जब जबरदस्त मोदी लहर थी, उस चुनाव में भी मनोज पांडेय ने जीत हासिल कर सपा का परचम लहराया था। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में जब देश में मोदी और यूपी में योगी लहर थी तब भी लगातार तीसरी बार मनोज पांडेय ने ऊंचाहार सीट पर जीत हासिल कर भाजपा उम्मीदवार को धराशायी कर दिया था।
दलित वोटर निभाते हैं निर्णायक भूमिका
बता दें, ब्राह्मण नेता मनोज पांडे का ऊंचाहार क्षेत्र में वर्चस्व है, जनता के बीच जाकर उनका दुख दर्द दूर करने के लिए मनोज पांडेय जानें जाते हैं। ऊंचाहार विधानसभा सीट जहां पर आधी जनसंख्या दलितों की है यहां पर दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते आए है। जिनमें पासी जाति के सर्वाधिक वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
सपा के साथ कांग्रेस के लिए क्यों है ये बड़ा झटका?
बता दें पहले ऊंचाहार सीट डलमऊ के नाम से जानी जाती थी लेकिन 2012 से ये विधानसभा सीट बनी तब से मनोज पांडेय का ही इस सीट पर कब्जा है और दलित वोटरों के अलावा उच्च जाति के वोटरों में मनोज पांडेय की अच्छी इमेज हैं। इसलिए मनोज पांडेय अगर भाजपा में शामिल होते हैं तो सपा को तो झटका लगेगा ही साथ ही कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।
इसकी खास वजह है कि चूंकि ऊंचाहार रायबरेली लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है तो माना जा रहा है कि कांग्रेस के गढ़ रायबरेली में टक्कर देने के लिए भाजपा के लिए मनोज पांडेय रायबरेली सीट के लिए एक मजबूत और प्रबल दावेदार हो सकते हैं? हालांकि अभी इस बारे में केवल कयास ही लगाए जा रहे हैं।












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