UP MLC Election: बीजेपी उम्मीदवार धर्मेंद्र सिंह सैंथवार की निर्विरोध जीत तय, जानिए कौन हैं वो
UP MLC Election: बीजेपी उम्मीदवार धर्मेंद्र सिंह सैंथवार की निर्विरोध जीत तय, जानिए कौन हैं वो
लखनऊ, 02 अगस्त: 11 अगस्त को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की दो सीटों पर उपचुनाव होना है। एमएलसी उपचुनाव से पहले ही समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। सपा प्रत्याशी कीर्ति कोल का पर्चा खारिज हो गया है, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के धर्मेंद्र सिंह सैंथवार की निर्विरोध जीत तय मानी जा रही है। धर्मेंद्र सिंह सैंथवार का नाम एमएलसी उपचुनाव की घोषणा के बाद चर्चाओं में आ गया है। आइए जानते है कौन हैं धर्मेंद्र सिंह सैंथवार।

कौन हैं धर्मेंद्र सिंह सैंथवार
धर्मेंद्र सिंह सैंथवार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर के रहने वाले हैं। धर्मेंद्र सिंह सैंथवार के पास राजनीतिक अनुभव 31 सालों का है। फिलहाल वो गोरखपुर क्षेत्र भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष के तौर पर कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं, धर्मेंद्र सिंह ने 1991 से 1998 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) में रहे थे। साल 2001 से 2009 तक गोरखपुर में बीजेपी के महामंत्री के पद पर भी रहे। सैंथवार साल 2010 से 2016 तक महानगर अध्यक्ष के पद पर रहे। साल 2016 में वह क्षेत्रीय टीम का हिस्सा बने।

2018 में क्षेत्रीय अध्यक्ष
फरवरी 2018 में धर्मेंद्र सिंह सैंथवार क्षेत्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई थी। तभी से वो क्षेत्रीय अध्यक्ष के तौर पर कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं, धर्मेंद्र सिंह सैंथवार को सीएम योगी आदित्यनाथ का काफी करीबी माना जाता है। तो वहीं, अब सपा प्रत्याशी कीर्ति कोल का पर्चा खारिज होने के बाद बीजेपी के उम्मीदवार धर्मेंद्र सिंह की निर्विरोध जीत तय हो गई है।

इस वजह से खारिज हुआ कीर्ति कोल का पर्चा
दरअसल, विधान परिषद सदस्य के निर्वाचन के लिए न्यूनतम 30 वर्ष की आयु होनी चाहिए, लेकिन समाजवादी पार्टी की विधान परिषद उम्मीदवार कीर्ति कॉल ने नामांकन पत्र में अपनी उम्र 28 वर्ष दिखाई थी। इसी वजह से रिटर्निंग अफसर की तरफ से नामांकन पत्र की जांच के दौरान मंगलवार को नामांकन पत्र खारिज करने की कार्यवाही की है। कीर्ती कोल का पर्चा रद्द होने के बाद बड़ा सवाल अब यह उठ रहा है कि समाजवादी पार्टी की तरफ से इतनी बड़ी चूक हुई कैसे?

कौन हैं कीर्ति कोल
एमएलसी उपचुनाव के लिए सपा ने कीर्ति कोल को अपना उम्मीदवार बनाया है। कीर्ति कोल सपा नेता और पूर्व सांसद व पूर्व विधायक रहे भाईलाल कोल की बेटी हैं। भाईलाल कोल के निधन के बाद कीर्ति कोल अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभाल रही हैं। कीर्ति कोल की पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से एमए और बीएड की पढ़ाई की है। कीर्ति लालगंज ब्लाक के पचोखर गांव की रहने वाली हैं और विगत वर्ष हुए पंचायत चुनाम में जिला पंचायत सदस्य भी निर्वाचित हुई थीं। हाल ही में सम्पन्न हुए 2022 विधानसभा चुनाव में वो मिर्जापुर की छानवे विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारी थी।

11 अगस्त को होना है उपचुनाव
बता दें कि एमएलसी की दोनों रिक्त हुई सीटों पर 1 अगस्त 2022 को नामांकन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। 2 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच, 4 तारीख को नाम वापसी की तिथि निर्धारित की गई है। 11 अगस्त सुबह 9 बजे से 4 तक मतदान संपन्न होगा। साथ ही उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना प्रारम्भ होगी। 16 अगस्त से पूर्व निर्वाचन प्रक्रिया को संपन्न करा लिया जाएगा।

इस वजह से खाली हुई थी एमएलसी की दोनों सीटें
सपा वरिष्ठ नेता रहे अहमद हसन का 20 फरवरी 2022 को निधन हो गया था, जिसके बाद विधान परिषद की सीट खाली हुई थी। सपा नेता अहमद हसन का एमएलसी कार्यकाल 30 जनवरी 2027 को पूरा होना था। वहीं, बीजेपी नेता ठाकुर जयवीर सिंह ने 24 मार्च को विधान परिषद के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका 5 मई 2024 तक का कार्यकाल था।












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