कौन हैं आलोक रंजन जिन्हें अखिलेश ने बनाया राज्यसभा कैंडिडेट? जानें IAS से सपा नेता तक का सफर
Who is Alok Ranjan, राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने तीन उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने जया बच्चन , रामजी लाल सुमन और आलोक रंजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।
सोमवार को हुई पार्टी की बैठक में जया बच्चन को फिर राज्यसभा भेजने और पूर्व केंद्रीय मंत्री व सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल सुमन के अलावा अखिलेश सरकार में मुख्य सचिव रहे आलोक रंजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी है।

समाजवादी पार्टी की ओर से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाए गए पूर्व आईएएस अधिकारी आलोक रंजन अखिलेश सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के मुख्य सचिव थे और अधिकारी वर्ग में उनकी खासी पकड़ मानी जाती है।
करीब दो वर्ष तक मुख्य सचिव की कुर्सी संभालने के बाद अलोक रंजन जुलाई 2016 में सेवानिवृत्त हुए थे। मुख्य सचिव पद से हटने के बाद अखिलेश ने उन्हें मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार और उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया था।
सेवानिवृत्त के बाद आलोक रंजन पार्टी के लिए रणनीतिकार के तौर पर काम करते रहे हैं। उनकी गिनती अखिलेश यादव के खास लोगों में होती है। 1978 बैच के आईएएस अधिकारी आलोक रंजन उन्नाव जिले से ताल्लुक रखते हैं। ह दो साल तक उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव रहे और 2014 में उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया। एक एक्सटेंशन मिलने के बाद रिटायर हो गए थे।
रिटायर होने के बाद आलोक रंजन को अखिलेश यादव ने यूपीआईडीसी के एमडी बनाया था। बाद में अखिलेश सरकार के सत्ता से हटने के बाद उन्हें इस पद को छोड़ना पड़ा था। इसके अलावा आलोक रंजन उस समय भी चर्चा में आए थे जब सपा सरकार ने उनकी पत्नी सुरभी रंजन को यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया था।
पार्टी के रणनीतिकार के तौर पर आलोक रंजन अहम भूमिका में रहे हैं। वे सरकार को घेरने की रणनीतियां, आंकड़ों का इकट्ठा करना, नीतियों के आधार पर सरकार को घेरने के लिए जानकारियां जुटाते हैं। 2022 के चुनाव में सपा का घोषणा पत्र भी आलोक रंजन ने ही तैयार किया था। जब अखिलेश ने इस घोषणापत्र को जारी किया था, तब वे उनके साथ मौजूद रहे थे।












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