यूपी विधानसभा में पाउडर मिलने का मामला, गलत रिपोर्ट देने पर लैब डायरेक्टर सस्पेंड
यूपी विधानसभा में पाउडर मिलने का मामला, गलत रिपोर्ट देने पर लैब डायरेक्टर सस्पेंड
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के भीतर 13 जुलाई को मिले पाउडर को खतरनाक विस्फोटक पीटीएन बताए जाने पर जमकर हंगामा हुआ था। बाद में ये पाउडर फर्नीचर की पॉलिश करने वाला पाउडर साबित हुआ और पीटीएन होने की बात झूठ निकला। इस मामले में अब बड़ी कार्रवाई हुई है। पाउडर को लेकर गुमराह करने वाली रिपोर्ट देने के लिए स्टेट फॉरेंसिक लैब के डायरेक्टर श्याम बिहारी उपाध्याय को सस्पेंड कर दिया गया है।

इस पाउडर को आगरा की एफएसएल में टेस्ट के लिए भेजा गया था, यहां इस पाउडर को टेस्ट किए जाने के बाद बताया गया था कि यह पीईटीएन विस्फोटक है। इस पाउडर की शुरुआती जांच इस लैब में ही हुई थी। जिस किट से इस पाउडर का टेस्ट किया गया था उसकी इसकी वैद्यता पहले ही खत्म हो जाने की बात सामने आई थी और नतीजों पर संदेह जताया गया था। जिसके बाद इस पूरे मामले की जांच को एनआईए के सुपुर्द कर दिया गया था। जिसमें लैब ने जो नतीजे दिए, उन्हें गुमराह करने वाला कहा गया।
जांच में सामने आया कि लैब डायरेक्टर उपाध्याय ने जिस किट से सैंपल को टेस्ट किया गया उसकी वैधता मार्च 2016 में ही खत्म हो चुकी थी। लिहाजा उपाध्याय ने ना सिर्फ राज्य के पुलिस मुखिया बल्कि राज्य सरकार को भी गुमराह किया है। इसके बाद उपाध्याय को सस्पेंड करने की मांग की गई थी। इस मामले में अब ये बड़ी कार्रवाई हुई है और लैब डायरेक्टर को सस्पेंड किया गया है। आपको बता दें कि 13 जुलाई को विधानसभा के भीतर सपा विधायक की सीट के नीचे एक प्लास्टिक बैग में यह पाउडर पाया गया था, जिसके बाद सदन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।












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