शिवपाल और आजम के बीच पक रही खिचड़ी का अखिलेश पर होगा कितना असर, सपा में होगी बगावत ?

लखनऊ, 15 अप्रैल: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही सपा में बगावत की चिंगारी सुलग रही है। एक तरफ जसवंतनगर से पार्टी विधायक और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल सिंह ने अखिलेश यादव के तौर तरीकों को लेकर नाराजगी जताई थी। वहीं पार्टी में मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले और रामपुर से विधायक आजम खान के समर्थक भी खुली बगवात कर रह रहे हैं। कई जगहों पर आजम समर्थकों के इस्तीफे की भी खबरें आयीं थी जिसपर अखिलेश ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया था। हालांकि इस राजनीतिक उठापटक के बीच अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि शिवपाल और आजम एक दूसरे के सम्पर्क में हैं। आजम और शिवपाल के बीच क्या खिचड़ी पक रही है यह तो समय ही बताएगा लेकिन यदि ऐसा हुआ तो आने वाले दिनों में सपा में बगावत के सुर और तेज होंगे जिन्हें संभालना अखिलेश के लिए भारी पड़ सकता है।

शिवपाल और आजम के बीच क्या पक रही खिचड़ी ?

शिवपाल और आजम के बीच क्या पक रही खिचड़ी ?

हालांकि आधिकारिक तौर पर आजम खान ने खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन उनके मीडिया प्रभारी ऐसे बयान दे रहे हैं, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उनके बयानों का परोक्ष रूप से समर्थन आजम खान ने किया है। वहीं कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में शिवपाल सिंह यादव और आजम खान एक साथ आ सकते हैं। आजम खान और शिवपाल के बीच करीबी रिश्ता है और शिवपाल भी आजम खान से सीतापुर जेल जाकर मुलाकात कर चुके हैं। ऐसे में एक दूसरे के बीच नजदीकीयां बढ़ना कोई आम बात नहीं है। इसका असर आने वाले समय में ग्राउंड पर भी दिखाई दे सकता है।

क्या सपा में अब सहज महसूस नहीं कर रहे आजम

क्या सपा में अब सहज महसूस नहीं कर रहे आजम

दरअसल, विधानसभा चुनाव के बाद अखिलेश यादव आजमगढ़ से लोकसभा सीट छोड़कर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बन गए हैं। जबकि इससे पहले शिवपाल सिंह यादव इस सीट पर परोक्ष रूप से दावा कर रहे थे। क्योंकि चुनाव के दौरान अखिलेश यादव और शिवपाल के रिश्ते बेहतर हुए थे। वहीं आजम खान के समर्थक भी चाहते थे कि पार्टी आजम खान को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया जाए। क्योंकि इस बार मुसलमानों ने समाजवादी पार्टी को वोट दिया है और पार्टी में मुस्लिम चेहरा होने के कारण उन्हें विपक्ष का नेता नियुक्त किया जाना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ शिवपाल और आजम को एक साथ आने में अपना फायदा नजर आ रहा है। क्योंकि बीजेपी को शिवपाल को लेकर कोई जल्दी नहीं है। वहीं, आजम समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश के साथ अब सहज महसूस नहीं कर रहे हैं। क्योंकि अब पार्टी मुलायम सिंह यादव के जमाने की नहीं है।

दोबारा जेल में जाकर आजम से मिल सकते हैं शिवपाल

दोबारा जेल में जाकर आजम से मिल सकते हैं शिवपाल

चर्चा है कि शिवपाल सिंह यादव जल्द ही आजम से मिलने सीतापुर जेल जा सकते हैं। हालांकि शिवपाल आजम से पहले ही मिल चुके हैं और चुनाव के दौरान उन्होंने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार आजम खान को परेशान कर रही है। अखिलेश यादव आजम खान से सिर्फ एक बार ही मिले हैं। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले आजम खान ने करीब एक दर्जन सीटों का दावा किया था और उन्होंने इसकी सूची पार्टी अध्यक्ष को भेजी थी। लेकिन अखिलेश यादव ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को ही टिकट दिया था। वहीं आजम खान अपने समर्थकों को टिकट दिलाने में नाकाम रहे हैं और इस वजह से वह अखिलेश यादव से नाराज हैं।

शिवपाल और आजम की नाराजगी का दिखा असर

शिवपाल और आजम की नाराजगी का दिखा असर

दरअसल शिवपाल और आजम की नाराजगी का असर भी दिख रहा है और इसका सपा पर असर भी पड़ रहा है। हाल ही में यूपी में हुए एमएलसी चुनाव में इस बार सपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई। इसकी सबसे बड़ी वजह पार्टी नेताओं की नाराजगी बताई जा रही है। समाजवादी पार्टी भी अपने ही गढ़ इटावा में हार गई और इसके साथ ही बीजेपी ने इटावा-फरुखाबाद सीट पर जीत हासिल की है। इस सीट पर सपा को सिर्फ 657 वोट मिले। क्योंकि इन दोनों सीटों पर शिवपाल यादव की पकड़ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। वहीं बरेली-रामपुर सीट पर बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की थी और उसे 4227 वोट मिले थे। वहीं, सपा सिर्फ 401 वोटों पर सिमट गई। इसलिए समझा जा सकता है कि आजम खान इन एमएलसी चुनावों में सक्रिय नहीं हुए और इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा।

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