BJP से बारगेनिंग पावर बढ़ाने का अनुप्रिया का क्या है प्लान, जानिए 200 सीटों पर प्रभारियों की नियुक्ति का राज

लखनऊ, 09 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। ऐसे में छोटी-बड़ी सभी पार्टियों ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। इसके तहत बीजेपी की सहयोगी अपना दल (एस) ने विधानसभा की 200 सीटों के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त करने का फैसला किया है। जल्द ही इस सूची को अंतिम रूप देकर जारी किया जाएगा। अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से चुनावी शंखनाद करेंगी। वह जिलेवार पूरे राज्य का दौरा करेंगी और बूथवार समीक्षा करेंगी। सबसे बड़ा सवाल है कि अनुप्रिया की पार्टी अचानक इतनी सीटों पर सक्रिय क्यों हो रही है क्योंकि पिछली बार बीजेपी ने उन्हें केवल 11 सीटें ही दी थी। क्या अनुप्रिया की मंशा बीजेपी पर दबाव बनाकर पिछली बार से ज्यादा सीटें अपने पाले में लाने की है। इस सवाल का जवाब तो आने वाले समय में मिलेगा लेकिन एक बात तो तय है कि इससे बीजेपी की मुश्किलें जरूर बढ़ने वाली हैं।

विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति संगठन को मजबूत करने की कवायद

विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति संगठन को मजबूत करने की कवायद

इन सीटों पर विधानसभा प्रभारियों की नियुक्ति के साथ ही बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। 'हर बूथ पर 15 युवा' अभियान को मूर्त रूप दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अपना दल (एस) ने पंचायत चुनाव में अलग से चुनाव लड़ा था, इसका असर प्रधानमंत्री के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में देखने को मिला। बीजेपी जिले की 40 में से केवल 8 सीटों पर सिमट गई, जबकि अपना दल ने 2 सीटों पर जीत हासिल की। अनुप्रिया की पार्टी 14 सीटों पर दूसरे नंबर पर रही।

2017 में 11 सीटें मिलीं थी, इस बार कितनी देगी बीजेपी ?

2017 में 11 सीटें मिलीं थी, इस बार कितनी देगी बीजेपी ?

200 सीटों के लिए चुनाव की तैयारी क्यों? जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 11 सीटें दी थीं। इस सवाल पर अपना दल के नेता आशीष पटेल कहते हैं कि, ''संगठन को बढ़त देना हमारा काम है। ऐसे में हम 200 सीटों के लक्ष्य के साथ चल रहे हैं। जहां संगठन को चुनाव लड़ने की स्थिति में लाना होता है। अपना दल (एस) उत्तर प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए जोर-शोर से तैयारी कर रहा है।''

मां के फैसले का इंतजार कर रही हैं अनुप्रिया

मां के फैसले का इंतजार कर रही हैं अनुप्रिया

इससे पहले हालांकि एक कार्यक्रम के दौरान पारिवारिक विवाद के मुद्दे पर अपना दल (एस) प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने कहा था कि, 'मैं अपनी मां से मिलने के लिए हर महीने कानपुर जाती हूं। यह मेरा और पार्टी का व्यक्तिगत प्रयास है कि वह मेंटर की भूमिका निभाती हैं या नहीं। हम सभी उनके फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि गठबंधन को पूरी ईमानदारी और ईमानदारी के साथ बरकरार रखा जाएगा। उन्होंने कहा, "दोनों पार्टियां व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करेंगी और हमें आगामी यूपी विधानसभा चुनावों में 2017 के चुनावों की तुलना में अधिक सीटें मिलेंगी।"

2017 से ज्यादा सीटों पर दावेदारी की कोशिश

2017 से ज्यादा सीटों पर दावेदारी की कोशिश

अनुप्रिया ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देते हुए बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाने के लिए कहा, तभी मिशन 2022 का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ पर 15 कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई जाएं। सामाजिक न्याय के क्षेत्र में पीएम नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार के काम को आम आदमी तक ले जाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि 2022 यूपी विधानसभा चुनाव में अपना दल (एस) निर्णायक भूमिका निभाएगा।

सीटों को लेकर बीजेपी से कोई औपचारिक बातचीत नहीं

सीटों को लेकर बीजेपी से कोई औपचारिक बातचीत नहीं

अपना दल के एक पदाधिकारी ने कहा कि हालांकि भाजपा के साथ अपना दल (एस) को दी जाने वाली सीटों की संख्या पर अभी तक कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है, सीटों की संख्या यह चिंता का विषय नहीं था क्योंकि उत्तर प्रदेश में एक प्रभावी और मजबूत सरकार बनाने के लिए दोनों पार्टियों का एक ही लक्ष्य था। कहा कि, "इसके लिए अपना दल (एस) संगठन की कुल 16 सहायक इकाइयों को सक्रिय कर रहा है और उनके तहत काम करने वाले कार्यकर्ताओं को भी आने वाले हफ्तों में प्रशिक्षित किया जाएगा।"

दोनों परिवारों को एकजुट करने में लगी हैं अनुप्रिया पटेल

दोनों परिवारों को एकजुट करने में लगी हैं अनुप्रिया पटेल

विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल मास्टर स्ट्रोक खेलने की तैयारी में जुटी हैं। अपना दल के सूत्रों का दावा है कि आने अनुप्रिया ने दोनों परिवारों को एकजुट करने का एक प्लान तैयार किया है जिसके तहत वह अपने मिशन में जुटी हुई हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी मां कृष्णा पटेल की पार्टी का अपनी पार्टी में विलय को लेकर एक ऑफर दिया है जिसके तहत उन्होंने मां को मंत्री और अध्यक्ष बनाने का आफर दिया है। हालांकि दोनों परिवार को एकजुट करने में अनुप्रिया की बहन पल्लवी और उनके पति रोड़ा बन रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों नहीं चाहते कि किसी तरह अनुप्रिया के ऑफर पर विचार किया जाए।

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