Sambhal: मस्जिद सर्वेक्षण के विरोध में भड़की हिंसा, 4 की मौत, तनाव के बीच इंटरनेट सेवाएं बंद
Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर भड़की हिंसा ने क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बना दिए हैं। हिंसा में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए निलंबित कर दी हैं। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और धारा 144 लागू कर बड़े सार्वजनिक समारोहों पर रोक लगा दी है।
संभल में कैसे भड़की हिंसा
जामा मस्जिद के सर्वेक्षण का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने पथराव और आगजनी की। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस मुठभेड़ में पुलिसकर्मियों पर फायरिंग भी हुई। जिसमें कई घायल हुए। मारे गए चार लोगों की पहचान नौमान, बिलाल, नईम और मोहम्मद कैफ के रूप में हुई है।

सांसद और विधायक पर भड़काने का आरोप
इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा है। प्रशासन का दावा है कि इन नेताओं ने भीड़ को इकट्ठा कर अराजकता फैलाने में भूमिका निभाई।
विपक्ष ने इस हिंसा के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर सीधी गोलीबारी सरकार की सुनियोजित साजिश है। भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन न्यायिक आदेशों के खिलाफ अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है।
स्थानीय अदालत के आदेश से उपजा विवाद
हिंसा की जड़ में 19 नवंबर को स्थानीय अदालत का आदेश है। जिसमें जामा मस्जिद का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया था। आरोप है कि यह मस्जिद एक प्राचीन हिंदू मंदिर को ध्वस्त कर बनाई गई थी। इस विवादित आदेश ने लंबे समय से चले आ रहे साम्प्रदायिक तनाव को और बढ़ा दिया।
अब तक 21 लोगों को हिरासत में लिया
हिंसा के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। बिना अनुमति इलाके में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और पत्थर व हथियार जमा करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अब तक दो महिलाओं सहित 21 लोग हिरासत में लिए गए हैं। घटना की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया गया है और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की संभावना है।
खुदाई और संरक्षण के लिए याचिका दायर
विवादित स्थल की खुदाई और संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकील विष्णु शंकर जैन और स्थानीय अधिवक्ता गोपाल शर्मा ने याचिका दायर की है। इस कानूनी पहल ने विवाद को और जटिल बना दिया है।
संभल में हुई यह हिंसा ऐतिहासिक विवाद, सांप्रदायिक तनाव और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के जटिल मुद्दों को उजागर करती है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी प्रशासन, राजनीतिक दलों और न्यायपालिका की भूमिका राज्य में सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अहम होगी।












Click it and Unblock the Notifications