वरुण गांधी ने पेश की मिसाल, 9 सालों में एक बार भी नहीं ली अपनी सैलरी
सुल्तानपुर। भारतीय राजनीति में वरुण गांधी एक मात्र ऐसे सांसद हैं जिन्हों पिछले 9 सालों से अपनी सैलरी नहीं ली है। उन्होंने सिर्फ खुद ही सैलरी नहीं ली, बल्कि देश के अमीर सांसदों से भी अपनी-अपनी सैलरी को गरीबों के लिए छोड़ने के लिए कहा। वरुण गांधी ने पिछले 9 साल से सांसद के रूप में मिले वेतन को गरीब और जरुतमंदों में बांट रहे है।

वरुण गांधी सुल्तानपुर से सांसद है। उन्होंने कई बार मंच कहा है कि राजनीति पैसा कमाने का जरिया नहीं है, बल्कि राजनीति सेवा करने का साधन और रास्ता है। उनका मानना है कि यहां से बड़ी सेवा की जा सकती है। ये बातें उन्होंने सिर्फ कही ही नहीं बल्कि इस पर अमल भी किया। उन्होंने अपनी 9 सालों की सैलरी को गरीब और जरुरतमंदों की दी है।

तीन महीने की सैलरी देकर किया मदद
रामजी गुप्ता नामक के एक व्यक्ति ने वरुण गांधी से मदद पाकर इस बात को सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए शेयर किया है। रामजी गुप्ता ने लिखा कि वरुण ने अपने तीन महीने की सैलरी से 2.50 लाख रुपए से उसकी मदद की है। रामजी ने खुद फेसबुक पर यह बात बताई है। उसने लिखा कि मेरे पापा कैंसर से लड़ रहे हैं और ऐसे में वरुण भैया (सांसद वरुण गांधी) ने लाखों रूपए की मदद की है। मैं वरुण गांधी को दिल से धन्यवाद देता हूं।
28 गरीबों को सैलरी से दे चुके हैं घर
आपको बता दें कि सांसद वरुण गांधी के लिए ये कोई नई बात नहीं है। गरीबों की मदद के लिए बढ़ने वाले अपने क़दम के पीछे वो अपनी मां को श्रेय देते हैं। वो समय-समय पर अपने संसदीय क्षेत्र आते जाते रहते हैं। पिछले दिनों उन्होंने 28 गरीबों के लिए अपनी सैलरी से घर भी बनवाया था, इनमें से हर मकान की क़ीमत 1 लाख रूपए थी। गरीबों की मदद के लिए उन्होंने बकायदा शहर में डीएम आफिस के पास एक आफिस बना रखा है। यहां उनके प्रतिनिधि दयाराम अटल प्रतिदिन 10 से 5 बैठते हैं। उनके पास इस प्रकार की एप्लीकेशन जमा होती है, रजिस्टर मेंटेन होता है। और हर एक को बगैर किसी भेदभाव के मदद दी जाती है।
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