वाराणसी: रोहनिया सीट पर भाजपा और अपना दल की अनुप्रिया में ठनी, ये है वजह
वाराणसी की रोहनिया विधानसभा सीट को लेकर पार्टी और अनुप्रिया पटेल में बात बिगड़ती हुई दिख रही है। इस सीट से अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय सोनेलाल पटेल हमेशा जीतते आये हैं।
वाराणसी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में भाजपा की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां टिकट के बंटवारे पर पार्टी के समर्थक ही आपस में भीड़ उठे हैं। वहीं, वाराणसी की रोहनिया विधानसभा सीट को लेकर पार्टी और अनुप्रिया पटेल में बात बिगड़ती हुई दिख रही है। बता दें कि इस सीट से अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय सोनेलाल पटेल हमेशा जीतते आये हैं और उनके बाद अनुप्रिया पटेल पहली बार विधायक चुनी गयी थी। गौरतलब है कि अनुप्रिया पटेल इस सीट को लेकर नाराजगी जाहिर की है। ये भी पढे़ं: सहारनपुर: यूपी की नंबर 3 विधानसभा पर लगी है सपा, भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर, क्या है खास

सूत्रों की माने तो रोहनिया की इसी सीट को लेकर अनुप्रिया ने अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न मान कर भाजपा से ठन गई है। वहीं, दिल्ली के पार्टी ऑफिस में अमित शाह से मिलकर अनुप्रिया ने नाराजगी भी जाहिर की है।
अपना दल के प्रत्याशी को टिकट नहीं देने पर विरोध
गठबंधन के बाद अपना दल की अनुप्रिया गुट के समर्थकों को ये पूरी उम्मीद थी कि भाजपा इस सीट पर अपना दल के किसी भी कद्दावर नेता को ही संयुक्त रूप से अपना उम्मीदवार घोषित करेगी। लेकिन, भाजपा ने अपना दल का सारा समीकरण ही उल्टा कर रख दिया, अपने पार्टी के नेता सुरेंद्र नारायण को इस सीट से भाजपा का प्रत्याशी घोषित कर दिया हैं, जिसके बाद से अपना दल के समर्थक भाजपा के प्रत्याशी का विरोध कर रहे हैं।
बीते विधानसभा चुनाव में क्या रहा है परिणाम
बता दें कि साल 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने शानदार जीत हासिल की थी। उन्होंने इस जीत में 57812 वोट हासिल किए थे। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के रमाकांत सिंह को बुरी तरह हराया था जिन्हें 40229 वोट मिले थे। वहीं, इस चुनाव में वोटिंग का प्रतिशत 60.35 फीसदी रहा था। ये भी पढे़ं: मेरठ: युवक के मर्डर के बाद अमित शाह का रोड शो रद्द, भाजपाइयों का विरोध












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