सहारनपुर: यूपी की नंबर 3 विधानसभा पर लगी है सपा, भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर, क्या है खास
यूपी की अंतिम जनपद सहारनपुर की शहर विधानसभा सीट नंबर तीन विधानसभा सीट है। इस चुनाव में इस सीट पर सपा और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।
सहारनपुर। यूपी की अंतिम जनपद सहारनपुर की शहर विधानसभा सीट नंबर तीन विधानसभा सीट है। इस चुनाव में इस सीट पर सपा और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है, क्योंकि यहां जिस प्रत्याशी ने भी वोटों का धु्व्रीकरण कर लिया उसकी जीत निश्चित ही है। गौरतलब है कि कुल 36 हजार दलित वोट होने के कारण यहां पर बसपा प्रत्याशी जीत की स्थिति में नहीं पहुंच पाता है। ये भी पढे़ं: शाहजहांपुर: गठबंधन पर केशव का हमला, '6 लाख करोड़ के घोटाले में फंसी सपा को बचा रही है कांग्रेस

बता दें कि यूपी की नंबर तीन सहारनपुर शहर विधानसभा सीट पर पिछले दस सालों से भाजपा का कमल खिलता आ रहा है। बसपा का गढ़ होने के बावजूद आज तक इस सीट से बसपा का कोई प्रत्याशी जीत दर्ज नहीं कर सका। इस सीट पर बसपा प्रत्याशी तीसरे ही नंबर पर रहा है। वहीं, एक लाख बीस हजार से अधिक मुस्लिम मतदाता भी इस सीट पर है। बता दें कि इस सीट पर दलित मतदाताओं की संख्या 36 हजार है। वहीं, यहां से भाजपा की जीत का कारण पंजाबी, वैश्य और अन्य बिरादरियों के मत हैं।
सहारनपुर शहर सीट पर भाजपा ने विधायक राजीव गुंबर को मैदान में उतारा हैं। सपा- कांग्रेस गठबंधन ने पूर्व विधायक संजय गर्ग को अपना प्रत्याशी बनाया है। बसपा की ओर से नया चेहरा मुकेश दीक्षित चुनावी मैदान में है। राष्ट्रीय लोकदल का यहां वैसे तो कोई वर्चस्व नहीं है, लेकिन रालोद की ओर से भूरा मलिक को प्रत्याशी बनाया गया है। निर्दलीयों समेत कुल 14 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस सीट की सबसे खास बात यह है कि यहां पर सपा जहां मुस्लिमों के सहारे अपने प्रत्याशी को मैदान में उतारती है।
वुड कार्विंग से वर्ल्ड फेमस है सहारनपुर
सहारनपुर का लकड़ी नक्कासी उद्योग विश्व में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां लकड़ी पर की जाने वाली नक्कासी के कारण लकड़ी के मंदिर, खिलौने, गिफ्ट आइटम और अन्य फर्नीचर, वुड कार्विंग कारोबार करोड़ों रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित करता है। इसके अलावा हाल में विश्व की शाही शादी के वजह से चर्चाओं में आए अप्रवासी भारतीय अजय गुप्ता द्वारा अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर शिवधाम मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। इस मंदिर के निर्माण का अनुमानित बजट 100 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। राजा साहरन वीर के नाम पर बसा सहारनपुर सांप्रदायिक एकता की मिसाल भी रहा है। यहां पर सुफी शाह हारुन चिश्ती और संत बाबा लाल दास की दोस्ती की मिसाल दी जाती है।
सहारनपुर में रहे विधायक
1991-लाजकृष्ण गांधी, बीजेपी
1993- लाजकृष्ण गांधी, बीजेपी
1996- संजय गर्ग, सपा
2002- संजय गर्ग, जनता पार्टी
2007-राघव लखनपाल शर्मा, बीजेपी
2012- राघव लखनपाल शर्मा, बीजेपी
2014(उप चुनाव)- राजीव गुंबर, बीजेपी
मतदाता
पुरुष मतदाता-210096
महिला मतदाता-182625
थर्ड जेंडर-37
कुल मतदाता-392760
कुल मतदान केंद्र- 96
कुल मतदेय स्थल -384 ये भी पढे़ं: मेरठ: युवक के मर्डर के बाद अमित शाह का रोड शो रद्द, भाजपाइयों का विरोध












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