Varanasi Chunav Analysis: काशी में मोदी मैजिक बेअसर! हर विधानसभा क्षेत्र में घटा कद, कहां ज्यादा नुकसान?
Varanasi Lok Sabha Chunav 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे बेहद ही चौंकाने वाले रहे। उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सिर्फ 33 सीटों पर ही सिमट कर रह गई। सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस बार 'मोदी मैजिक' और 'राम मंदिर कार्ड' बीजेपी का नहीं चला। उधर, समाजवादी पार्टी ने सूबे में अपनी लहर का परिचय देते हुए 37 सीटों पर कब्जा जमा लिया। वहीं, अकेले कांग्रेस ने सूबे की 6 सीटें झटक ली।
खास बात यह रही कि सूबे की सबसे प्राइम सीट 'वाराणसी' नरेंद्र मोदी ने झटक तो ली। लेकिन, कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार अजय राय ने करारी टक्कर दी है। जिसके कारण नरेंद्र मोदी का मैजिक कुछ विधानसभा क्षेत्रों में बेअसर नजर आया। पीएम मोदी ने अपनी संसदीय सीट के पांचों विधानसभा क्षेत्रों पर भरोसा जताया, लेकिन वो उनके साथ खड़े नजर नहीं आए।

2019 से 2024 के आंकड़ों में काफी अंतर देखा गया है। पांचों सीट में से सिर्फ शहर दक्षिणी विधानसभा सीट पर ही मोदी 1 लाख का आंकड़ा छू नहीं पाए। रोहनिया और सेवापुरी क्षेत्र पर भी मोदी लहर नहीं चल सकी। अजय राय ने करारी टक्कर दी। आइए आंकड़ों में समझते हैं...

संलग्न छवि क्रेडिट-हिंदुस्तान टाइम्स।
शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र
- बीजेपी- नरेंद्र मोदी- 97878
- इंडिया गठबंधन- अजय राय- 81732
शहर उत्तरी
- नरेंद्र मोदी- 131241
- अजय राय- 101731
वाराणसी कैंट
- नरेंद्र मोदी- 145922
- अजय राय- 87645
रोहनिया
- नरेंद्र मोदी- 127508
- अजय राय- 101225
सेवापुरी
- नरेंद्र मोदी- 108890
- अजय राय- 86751
सेवापुरी और रोहनिया
वाराणसी की सेवापुरी और रोहनिया विधानसभा क्षेत्रों में भूमिहार और पटेल मतदाताओं की सबसे ज्यादा भागीदारी है। 2019 में इन क्षेत्रों ने मोदी के जीत के मार्जिन बढ़ाने में काफी मदद की थी। लेकिन, इस बार बिल्कुल उलट नजर आया। 2024 के आंकड़ों में मोदी को टक्कर देते हुए अजय राय ने डेढ़ लाख का आंकड़ा भी नहीं छूने दिया।
कैंट, उत्तरी और दक्षिणी
बनारस की इन तीनों सीटों में से कैंट और उत्तरी विस क्षेत्रों ने मोदी का बखूबी साथ निभाया। पांचों विस क्षेत्रों में से एकलौती वाराणसी कैंट सीट पर पीएम मोदी ने डेढ़ लाख के आंकड़े के इर्द-गिर्द अपनी जगह बनाई। वहीं, दूसरी तरफ वाराणसी की शहर दक्षिणी सीट ने मोदी को काफी निराशा का अनुभव कराया। इस सीट पर ज्यादातर मुस्लिम मतदाताओं की प्रमुख भूमिका रही है, जो अजय राय के साथ ही खड़े नजर आए। तभी, मोदी इस सीट पर 1 लाख का आंकड़ा भी नहीं साध सके।












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