UP Budget 2026: UP में अब कितनी है बेरोजगारी दर? बजट में 10 लाख युवाओं के लिए स्किल और रोजगार का बड़ा तोहफा
UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आज राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का ऐतिहासिक बजट पेश किया। इस बजट में योगी सरकार ने विकास के 'यूपी मॉडल' को और मजबूती देते हुए बुनियादी ढांचे, कानून-व्यवस्था और औद्योगिक निवेश पर विशेष जोर दिया है।
वित्त मंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की GSDP अब 30.25 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है। यह बजट न केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा है, बल्कि यूपी को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक निर्णायक रोडमैप भी है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण के दौरान राज्य की आर्थिक प्रगति का एक विस्तृत रोडमैप पेश किया। उन्होंने बताया कि कैसे यूपी 'लैंड-लॉक्ड' राज्यों की श्रेणी से निकलकर देश के औद्योगिक और कृषि नेतृत्व की ओर अग्रसर है।
आइए जानतें हैं मंत्री ने उत्तर प्रदेश की प्रगति को लेकर बजट में कौन से अहम आंकड़े पेश किए गए हैं-
1. औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर
इन्वेस्टर्स समिट: फरवरी 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के बाद, अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) साइन किए जा चुके हैं, जिनसे करीब 10 लाख रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी: अब तक 15 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के लिए 4 ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह संपन्न हो चुके हैं।
स्टार्ट-अप रैंकिंग: नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने के कारण उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर "लीडर श्रेणी" की रैंकिंग प्राप्त हुई है।
2. इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण में देश का नेतृत्व
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग: उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माण केंद्र बनकर उभरा है। देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा अकेले यूपी में होता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट: देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट यूनिट प्रदेश में हैं। राज्य का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात अब 44,744 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
एक्सपोर्ट इंडेक्स: नीति आयोग के 'एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024' (जनवरी 2026 में जारी) के अनुसार, लैंड-लॉक्ड राज्यों में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।
3. कृषि और सिंचाई क्षेत्र में रिकॉर्ड वृद्धि
उत्पादन में अग्रणी: गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में यूपी देश का नंबर-1 राज्य है।
सिंचाई क्षमता: वर्ष 2016-17 में सिंचित क्षेत्र जो 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, वह 2024-25 में 60 लाख हेक्टेयर बढ़कर 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है।
फसल सघनता: 2016-17 की 162.7 प्रतिशत फसल सघनता अब बढ़कर 193.7 प्रतिशत हो चुकी है।
4. ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती
विद्युत उत्पादन: 2016-17 की 5,878 मेगावाट ताप विद्युत क्षमता के मुकाबले दिसंबर 2025 तक 55.16% की वृद्धि के साथ क्षमता 9,120 मेगावाट तक पहुंच गई है।
क्लीन एनर्जी: हरित ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए अब तक 2,815 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएँ स्थापित की जा चुकी हैं।
SDG इंडेक्स: नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स में यूपी ने लंबी छलांग लगाई है। साल 2018-19 में राज्य 29वें स्थान पर था, जो 2023-24 में बेहतर होकर 18वें स्थान पर आ गया है।












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