उत्तर प्रदेश: हत्या के प्रयास के मामले में भाजपा विधायक के बेटे को सात साल की सजा

उत्तर प्रदेश: भाजपा विधायक के बेटे को सात साल की जेल

गोंडा। गोंडा के कटरा बाजार विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक बावन सिंह के बेटे वैभव सिंह को छह साल पहले पार्किंग विवाद में हुए गोलीकांड में स्थानीय अदालत ने सात साल की सजा सुनाई है। एडिशनल सेशन जज महेश नोटियाल ने वैभव सिंह पर 16,000 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में दूसरे पक्ष के भी पांच लोगों को सजा सुनाई गई है। इस गोलीकांड में वैभव सिंह के भाई गौरव सिंह की मौत हो गई, जबकि दूसरे पक्ष से भी गार्ड को गोली लगी थी।

वैभव सिंह दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराए गए

वैभव सिंह दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराए गए

आठ मई 2012 को शहर के एक नर्सिंग होम में वाहन पार्किंग को विधायक पुत्रों और नर्सिंग होम के गार्ड्स में विवाद हुआ था। दोनों ओर से गोलियां चली थीं। गोली लगने से गौरव की मौत हो गई थी, जबकि नर्सिंग होम का सुरक्षा गार्ड सुरेश कुमार पाण्डेय गंभीर रूप से जख्मी हो गया था, उसकी आंख भी खराब हो गई थी। दोनों पक्षों की ओर से थाना नगर कोतवाली में अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। दूसरे पक्ष के मुकदमे में विधायक के दूसरे पुत्र वैभव सिंह का भी नाम था। विशेष न्यायाधीश महेश नौटियाल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गुरुवार को भाजपा विधायक बावन सिंह के पुत्र वैभव सिंह को दो अलग-अलग आरोपों में दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की कैद तथा 16 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।

 दूसरे पक्ष के पांच लोगों को दस-दस साल की कैद

दूसरे पक्ष के पांच लोगों को दस-दस साल की कैद

अदालत ने इस मामले में नर्सिंग होम पक्ष के चंद्रमोहन मिश्रा, विश्वास पाण्डेय, पवन मिश्रा, सुरेश कुमार पाण्डेय तथा अवधेश तिवारी को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए दस-दस साल की कैद की सजा सुनाई। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत ने डॉ. राजेष पांडेय, तिरपन सिंह, राणा प्रताप औरअजीत सिंह को बरी कर दिया। कटराबाजार से विधायक बावन सिंह काफी प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।

ऐसे हुआ था विवाद

ऐसे हुआ था विवाद

आठ मई 2012 को विधायक बावन सिंह का पुत्र गौरव कार लेकर आर.एन. पाण्डेय नर्सिंग होम गया था। नर्सिंग होम के सामने गौरव अपनी कार खड़ी करना चाहता था लेकिन गार्ड ने उसे ऐसा करने से मना किया। गार्ड का तर्क था कि नर्सिंग होम के सामने वाहन खड़े करना मना है। गार्ड की बात सुनकर गौरव गुस्सा हो गया। कुछ ही देर में दोनों में बहस शुरू हो गई जिसे देखते हुए गौरव ने रिवाल्वर निकालकर गार्ड पर तान दी। रिवाल्वर देखते ही गार्ड ने भी अपनी रायफल तान दी, इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे पर गोली चला दी। गोली लगने से गौरव की मौत हो गई। जबकि ईलाज के बाद गार्ड बच गया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+