पहले चरण में भाजपा-सपा की जाटों पर नजर, क्या किसानों का गुस्सा बदलेगा चुनावी गणित

अलीगढ़, 09 फरवरी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले चरण के चुनाव के लिए प्रचार अभियान शनिवार की शाम को खत्म हो गया है। प्रदेश में मुख्य रूप से मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला है। दोनों ही दलों ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। पश्चिमी यूपी में पहल चरण के लिए 58 सीटों पर 11 जिलों में 10 फरवरी को मतदान होगा। पहले चरण में शामली, हापु़ड़, गौतम बुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा में 58 सीटों पर मतदान होगा। गौर करने वाली बात है कि पिछले चुनाव में पहले चरण में भाजपा ने 58 में से 53 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि सपा-बसपा को 2-2 सीट मिली थी वहीं रालोद को एक सीट पर जीत मिली थी।

कितने जाट उम्मीदवार

कितने जाट उम्मीदवार

भारतीय जनता पार्टी ने पहले चरण के लिए जाट समुदाय से 17 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है जबकि आरएलडी ने 12 जाट और सपा ने 6 जाट उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। जिस तरह से इन दलों ने जाट उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है उससे साफ है कि सभी दल जाट समुदाय के वोटों को अपनी ओर खींचना चाहती हैं। दरअसल जिस तरह से किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन किया था उसके बाद माना जा रहा है कि जाट प्रदेश सरकार से नाराज है। किसानों में गन्ना की बकाया राशि को लेकर भी किसानों में नाराजगी है, ऐसे में देखने वाली बात यह है कि क्या जाट एक बार फिर से भाजपा पर भरोसा जताएंगे या फिर विपक्ष यहां पर सरकार के खिलाफ किसानों की नाराजगी का लाभ उठा पाएगा।

9 मंत्रियों का भविष्य दांव पर

9 मंत्रियों का भविष्य दांव पर

मौजूदा योगी सरकार में 9 विधायक ऐसे हैं जोकि प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में पहले चरण के चुनाव में योगी सरकार के 9 मंत्रियों का भविष्य दांव पर है। पहले चरण में सुरेश राणा, अतुल गर्ग, श्रीकांत शर्मा, संदीप सिंह, अनिल शर्मा, कपिल देव अग्रवाल, दिनेश कार्तिक, डॉक्टर जीएस धर्मेश और चौधरी लक्ष्मी नारायण का भविष्य दांव पर है। ये सभी नेता चुनावी मैदान में हैं और उन्हें उम्मीद है कि ये फिर से सत्ता में वापसी कर सकते हैं।

वादों की झड़ी

वादों की झड़ी

चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार थम जाएगा। पहले चरण के लिए सिर्फ डिजिटल मीडिया पर ही प्रचार किया जा सकता है क्योंकि कोरोना के चलते रोड शो और रैलियों पर रोक लगा दी गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यूपी में भाजपा के लिए वर्चुअल रैली की थी और डबल इंजन की सरकार की उपलब्धियों को गिनाया था। गृह मंत्री अमित शाह ने मथुरा में लोगों के घर-घर जाकर चुनाव प्रचार किया था। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली, हर घर में एक व्यक्ति को रोजगार, 60 साल से ऊपर की महिलाओं को फ्री यात्रा का वादा किया गया है। साथ ही लव जिहाद के लिए 10 साल की सजा का ऐलान किया गया है।

सपा को मिला ममता का साथ

सपा को मिला ममता का साथ

सपा की बात करें तो अखिलेश यादव ने दावा किया है कि प्रदेश की जनता भाजपा को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है। सपा-रालोद गठबंधन प्रदेश में किसानों के मुद्दे के जरिए पश्चिमी यूपी में मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रहा है। यही नहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी यूपी में सपा के समर्थन में पहुंची और कहा कि सपा 300 पार, इस बार योगी की सरकार। अखिलेश के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा कि खेला होबे। उन्होंने कहा कि बंगाल में पिछले साल भाजपा को हार मिली, अब यूपी में भाजपा सत्ता से बाहर होगी।

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