यूपी में जल्द हो सकता है मंत्रीमंडल विस्तार, क्या सपा के बागी नेता को BJP बनाएगी मंत्री?
Yogi cabinet expansion: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार 2.0 का मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा के प्रदेश संगठन में फेरबदल जल्द ही हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, अगले महीने नवरात्रि के दौरान यह विस्तार संभव है। मंत्रिमंडल विस्तार के लिए नवरात्रि का समय चुने जाने के पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि नवरात्रि से पहले कोई अन्य शुभ दिन नहीं है।
योगी मंत्रीमंडल के विस्तार की आहट ऐसे समय आई जब उत्तर प्रदेश में प्रमुख विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) ने बीते एक महीने में अपने चार बागी विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भाजपा सपा से निष्काषित नेताओं में किसी को मंत्री पद का तोहफा देंगी?

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए तैयारी कर रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूले का मुकाबला करना भाजपा की रणनीति का भी हिस्सा है। 2024 के आम चुनावों में, सपा ने इस फॉर्मूले के दम पर 37 लोकसभा सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को 80 में से केवल 33 सीटें मिलीं, जो 2019 के 62 सीटों के मुकाबले काफी कम था। इसलिए विशेषज्ञों को मानना है कि भाजपा मंत्रीमंडल का पीडीए फॉमूले के तहत करेगी।
ओबीसी और दलितों को शामिल करेगी भाजपा
ओबीसी और दलितों को संदेश देने के लिए भाजपा योगी कैबिनेट में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ा सकती है। पार्टी क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने पर भी ध्यान दे रही है। पश्चिमी यूपी से एक ओबीसी भाजपा नेता को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है।
पूजा पाल ने सीएम योगी की थी तारीफ
ध्यान देने योग्य बात ये है कि कौशांबी के चायल से सपा विधायक पूजा सपा ने विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की थी। जिसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें निकाल दिया है। हालांकि, उनके बागी तेवर फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव के दौरान ही सामने आ गए थे, जब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में मतदान किया था। पार्टी से निकाले जाने के बाद योगी आदित्यनाथ से भी मुलाक़ात की थी।
क्यों पूजा पाल को मंत्री बना सकती है भाजपा?
अब यह दावा किया जा रहा है कि पूजा पाल अगर भाजपा में शामिल होती हैं, तो उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा जातीय समीकरण साधने के लिए यह कदम उठा सकती है। उत्तर प्रदेश में पाल समुदाय की आबादी लगभग 7% मानी जाती है, और पूजा पाल के भाजपा में आने से इन वोटरों को साधने में मदद मिलेगी।
मनोज पांडेय को क्या मिलेगा सब्र का फल?
पूजा पाल के अलावा ऊंचाहार से समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पांडेय और गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह और गोसाईंगंज से विधायक अभय प्रताप सिंह को भी पार्टी से निष्कासित किया था। इन तीनों के बारे में भी दावा किया जा रहा है कि भाजपा उन्हें महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी दे सकती है।
योगी कैबिनेट में नए चेहरों को किया जाएगा शामिल
इसके अलावा मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना है। लोक निर्माण विभाग को लेकर भी चर्चा है कि इसका दायित्व किसी अन्य वरिष्ठ नेता को सौंपा जा सकता है। जितिन प्रसाद के लोकसभा चुनाव जीतने और केंद्र में मंत्री बनने के बाद से यह विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास है।












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