UP में योगी कैबिनेट ने रोजगार मिशन के गठन को दी मंजूरी, जानिए किन लोगों को और कहां मिलेगी नौकरी?
UP employment mission formation: उत्तर प्रदेश के युवाओं को योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। योगी मंत्रिमंडल ने राज्य के युवाओं को भारत या विदेश में रोजगार दिलाने में मदद करने के लिए 'उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन' के गठन के प्रस्ताव को गुरुवार को मंजूरी दे दी।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने कहा," ये मिशन सरकार को थर्ल्ड पार्टी भर्ती एजेंसियों पर निर्भर किए बिना सीधे रोजगार की सुविधा प्रदान करने में सक्षम बनाएगा।"

विदेश में भी मिलेगा रोजगार
युवाओं को विदेशों में भारतीय कुशल श्रमिकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश सरकार इस अवसर का लाभ उठाते हुए राज्य के कुशल युवाओं को सीधे इजरायल, जर्मनी और जापान जैसे देशों में भेजने की योजना बना रही है। यूपी सरकार के मंत्री राजभर ने बताया 25,000 से 30,000 बेरोजगार युवाओं को विदेश भेजना और भारत के निजी क्षेत्र में लगभग एक लाख युवाओं को रोजगार प्रदान करना है।''
किन क्षेत्रों में मिलेगी नौकरी?
राजभर ने बताया कि राज्य सरकार को श्रमिकों को विदेश भेजने के लिए भर्ती एजेंटों (Recruiting Agent) वाले बाहरी संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होंने कहा, "अब मिशन के लागू होने के बाद, राज्य को अपना स्वयं का आरए (भर्ती एजेंट) प्राप्त होगा, जिससे हम नर्सिंग, पैरामेडिकल, कुशल श्रम, ड्राइविंग, घरेलू काम और अन्य उच्च मांग वाले क्षेत्रों में श्रमबल की विदेशों में सीधी नियुक्तियों की व्यवस्था कर सकेंगे।" यूपी के श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अनुसार इस मिशन के तहत रोजगार के अवसर देने के अलावा इस मिशन के तहत युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्रतिशिक्षित भी किया जा रहा है।
रोजगार मिशनका संचालन कौन करेगा?
मिशन का संचालन पांच स्तर की समितियों द्वारा किया जाएगा, जिनमें शासी परिषद, राज्य संचालन समिति, राज्य कार्यकारिणी समिति, जिला कार्यकारिणी समिति और राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई शामिल होंगी। मिशन को सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत पंजीकृत किया जाएगा।
टीसीएस में जरिए रोजगार
गौरतलब है कि इस मिशन के तहत विदेश में युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे इसलिए विभाग ने टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस (टीसीएस) से करार किया है। टीसीएस में जरिए रोजगार के रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए युवाओं को तीन हजार से अधिक कंपनियों में नौकरी दी जाएगी। इस करार के अनुसार जिस देश में युवा नौकरी करने जा रहे हैं उन्हें अंग्रेजी के साथ उस देश की भाषा की भी जानकारी दी जाएगी।
महिला श्रमिकों को मौका
कैबिनेट में लिए गए एक अन्य फैसले के तहत उत्तर प्रदेश कारखाना नियमावली 1950 में संशोधन किया गया है। अब महिलाएं 29 खतरनाक श्रेणी में आने वाले कारखानों में भी अपनी इच्छा से काम कर सकेंगी। पहले उन्हें केवल 12 सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्रों में ही काम करने की अनुमति थी। सरकार ने यह कदम महिला श्रमिकों को समान अवसर और आत्मनिर्भरता देने के लिए उठाया है। साथ ही उनकी सुरक्षा और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी भी सरकार की होगी। फिलहाल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में महिला श्रमिकों की भागीदारी सिर्फ पांच प्रतिशत है। नोएडा को छोड़ दें तो पूरे प्रदेश में केवल एक प्रतिशत महिलाएं ही कारखानों में काम करती हैं। इस निर्णय से महिला श्रमिकों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।












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