UP Weather Update: अरब सागर-बंगाल की खाड़ी से आई नमी से बढ़ी उमस, जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश के लोग इन दिनों मौसम की दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर जहां भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद थी, वहीं दूसरी तरफ उमस भरी हवाओं ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी ने तापमान में तो मामूली गिरावट की है।
हालांकि उमस के चलते लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल मंडरा रहे हैं, लेकिन बारिश की संभावना अब लगभग न के बराबर है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 मई तक कुछ जिलों में ही हल्की आंधी-पानी की उम्मीद है।

इधर दूसरी ओर, दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल अब तक सामान्य बनी हुई है, लेकिन चक्रवात 'शक्ति' और अन्य मौसमी सिस्टम देशभर में अस्थिरता बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल मौसमी घटनाओं में कमी आने की संभावना है, पर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति जारी रहेगी।
मौसम वैज्ञानिकों द्वारा आगे यह भी बताया गया कि इसी वजह से प्रदेश में उमस का स्तर लगातार ऊंचा बना है जो आगे भी ऐसे ही बना रहेगा और मौसम असहज बना रह सकता है।
आंधी-पानी की उम्मीद कमजोर
उत्तर प्रदेश में इस समय मौसम पूरी तरह से असामान्य हो चुका है। कहीं अचानक आंधी आ रही है, तो कहीं लू अपना असर दिखा रही है। पश्चिमी विक्षोभ और परिसंचरण प्रणाली की वजह से लगातार मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है।
मंगलवार को कानपुर में अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से थोड़ा कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से अधिक है। यह तापमान भले ही हीटवेव की स्थिति न दर्शाए, लेकिन उमस के चलते discomfort index काफी ज्यादा रहा।
हीट इंडेक्स पहुंचा 60 पार
नमी के बढ़ते स्तर ने हीट इंडेक्स को सामान्य तापमान से कहीं अधिक पहुंचा दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब तापमान 38 से 42 डिग्री के बीच होता है और नमी अधिक रहती है, तो शरीर को महसूस होने वाली गर्मी 56 से 62 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाती है।
यही कारण है कि लोग दिनभर पसीने से तर-बतर नजर आ रहे हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि मौसमी सिस्टम तो एक्टिव हैं, लेकिन इनकी तीव्रता पहले जैसी नहीं रही। इसका मतलब ये है कि बारिश और आंधी जैसी घटनाएं अब कम होंगी, लेकिन उमस में बढ़ोतरी जारी रहेगी।
हालांकि कानपुर में आंधी-तूफान की संभावना नहीं है, लेकिन यहां पर नमी का स्तर और बढ़ने वाला है। इससे गर्मी और भी असहनीय हो सकती है। प्रदेश के अन्य करीब 15 जिलों में भी बारिश की कोई संभावना नहीं है, केवल कुछ जगहों पर तेज हवाएं चल सकती हैं।
तापमान में बड़ी उछाल की फिलहाल कोई आशंका नहीं है, लेकिन चिपचिपी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद भी कम ही है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
देशभर में चक्रवात 'शक्ति' को लेकर मौसम वैज्ञानिक सतर्क हैं। यह सिस्टम अगर विकसित होता है तो इसका असर उत्तर भारत के मौसम पर भी पड़ सकता है। हालांकि अभी यह शुरुआती अवस्था में है, लेकिन मानसून की रफ्तार इससे प्रभावित हो सकती है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति सामान्य बनी हुई है और अगले कुछ हफ्तों में इसके केरल पहुंचने की संभावना है। इसके बाद ही उत्तर भारत में मानसून को लेकर स्थिति साफ होगी। तब तक प्रदेश को उमस और तपिश से ही जूझना होगा।
फिलहाल उत्तर प्रदेश को मौसम से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। चक्रवाती गतिविधियां और मौसमी सिस्टम तो बने हुए हैं, लेकिन इनकी ताकत कम होने से असर भी सीमित हो गया है। लोगों को अब मानसून की अगली चाल का इंतजार करना पड़ेगा।












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