UP Sitapur:सीतापुर की सोनिया ने संभाला एक दिन के बीएसए का कार्यभार, निभाई जिम्मेदारी
Sitapur News Uttar Pradesh: मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत नारी सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी 75 जिलों से चुनिंदा बेटियों को एक दिन का अधिकारी बनाया जा रहा है। प्रत्येक जिले से 100 बालिकाओं को एक दिन का अधिकारी बनाने की इस मुहिम का सिलसिला अनवरत जारी है।
सीतापुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, खैराबाद की कक्षा 8 की छात्रा सोनिया ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के पद पर एक दिन के लिए कार्यभार संभाला और समर्पित एवं निष्ठावान अधिकारी के कर्तव्यों का निर्वहन किया।
*पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से निभाई जिम्मेदारी*
सोनिया ने जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय, सीतापुर में एक दिवसीय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। इस दौरान उसने कार्यालय का निरीक्षण करते हुए स्टाफ से परिचय लिया और पदीय दायित्वों की जानकारी प्राप्त की। सोनिया ने विभागीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) से संबंधित पत्रावलियों का अवलोकन किया। इस दौरान एक दिन की बीएसए का कार्यभार संभाल रही छात्रा सोनिया ने विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा की और उनकी बारीकियों को समझा।

*स्टाफ की उपस्थिति की जांच और समस्याओं पर ध्यान*
सोनिया ने कार्यालय के विभिन्न कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की और विद्यालय से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता एवं तत्परता दिखाई।
*बेसिक शिक्षा के महत्व पर जोर*
बीएसए का कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत छात्रा सोनिया ने कार्यालय के कामकाज को समझा और बेसिक शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए इस अनूठे अनुभव से मिलने वाले सबक से कुछ सीखने की इच्छा दिखाई।
*बेसिक शिक्षा अधिकारी और स्टाफ का सहयोग*
सोनिया के इस विशेष अनुभव में वर्तमान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और समस्त स्टाफ ने उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान किया। यह अनूठी पहल मिशन शक्ति के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
*बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल*
बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह का कहना है कि इस तरह का प्रयास प्रदेश के सभी जिलों में चल रहा है, जहाँ प्रत्येक जिले में सौ बालिकाओं को एक दिन का अधिकारी बनाया जा रहा है। यह कार्यक्रम सोनिया जैसी अन्य बालिकाओं के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत है। नारी शक्ति को प्रोत्साहन देने से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications