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UP राज्यसभा चुनाव: 11वीं सीट के लिए क्यों बढ़ जाएगी छोटे दलों की अहमियत, जानिए

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लखनऊ, 13 मई: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद बीजेपी की निगाहें अब यूपी में 11 सीटों के लिए होने जा रहे राज्यसभा चुनाव पर टिक गई हैं। आंकड़ों के हिसाब से बीजेपी इनमें से सात सीट तो आसानी से जीत लेगी लेकिन आठवीं सीट के लिए उसको निर्दलीय विधायकों और छोटे दलों की खुशामद करनी पड़ेगी। इस लिहाज से अखिलेश और योगी की टेंशन भी बढ़ेगी क्योंकि दोनों ही पार्टियां अंतिम उम्मीदवार को लेकर जोरआजमाइश करेंगी। फिलहाल इस मामले में बीजेपी का पलड़ा भारी दिख रहा है क्योंकि सत्ता होने की वजह से निर्दल और छोटे दलों को साधना काफी आसान हो जाता है।

सात सीटें बीजेपी और तीन सीटें सपा के खाते में जाएंगी

सात सीटें बीजेपी और तीन सीटें सपा के खाते में जाएंगी

यूपी चुनाव में बीजेपी ने सपा को करारी शिकस्त दी है। लेकिन राज्यसभा चुनाव में भी बेहद दिलचस्प मुकाबला दिखने जा रहा है। यूपी के कोटे से 11 सीटें जुलाई में खाली होने जा रही हैं, जिन पर चुनाव होगा। इनमें से 10 पर तो नतीजे लगभग साफ हैं। इनमें से 7 सीटों पर बीजेपी की जीत पक्की है तो 3 सीटें सपा खाते में आसानी से जाएंगी। लेकिन 11वीं सीट पर कौन बाजी मारेगा यह देखना बेहद दिलचस्प होगा। हालांकि राज्यसभा से पहले बीजेपी ने विधान परिषद के चुनाव में भी सपा को जोरदार पटकनी दी थी।

पिछली बार 11 सीटों में पांच बीजेपी और तीन सपा के पास

पिछली बार 11 सीटों में पांच बीजेपी और तीन सपा के पास

दरअसल राज्यसभा चुनाव में जो 11 सीटें खाली हो रही हैं, उनमें से 5 अभी बीजेपी के पास हैं जबकि तीन सपा, दो बसपा और एक कांग्रेस के पास है। यूपी में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो राज्यसभा के एक उम्मीदवार की जीत के लिए कम से कम 37 विधायकों के वोट की जरूरत पड़ेगी। भाजपा गठबंधन के पास 273 विधायक हैं और इस लिहाज से एनडीए को सात सीटें आसानी से मिल जाएंगी लेकिन आठवीं सीट के लिए उन्हें निर्देलियों और छोटे दलों को अपने पाले में लाना होगा।

तीन सीटों पर आसानी से जीत लेगा अखिलेश गठबंधन

तीन सीटों पर आसानी से जीत लेगा अखिलेश गठबंधन

वहीं दूसरी ओर सपा की बात करें तो यह गठबंधन 125 विधायकों के साथ तीन प्रत्याशियों को आसानी से जिता लेगा। वहीं 11वीं सीट के लिए मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा, क्योंकि बीजेपी और सपा को इसके लिए राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के समर्थन की जरूरत होगी। विधानसभा में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और कांग्रेस के पास 2-2 और बसपा के पास एक सीट है। देखना रोचक होगा कि कौन सी पार्टी किसके साथ जाती है।

जुलाई में 11 सांसदों का कार्यकाल होगा समाप्त

जुलाई में 11 सांसदों का कार्यकाल होगा समाप्त

चुनाव आयोग ने राज्यसभा की सीटों के लिए चुनाव की तिथियों का ऐलान कर दिया है। यूपी के 11 सांसद रिटायर होने जा रहे हैं, उनमें बीजेपी के जफर इस्लाम, शिव प्रताप शुक्ला, संजय सेठ, सुरेंद्र नागर और जय प्रकाश निषाद शामिल हैं। वहीं, सपा के सुखराम सिंह यादव, विशंभर प्रसाद निषाद और रेवती रमण सिंह भी रिटायर होने जा रहे हैं। बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, अशोक सिद्धार्थ और कांग्रेस के कपिल सिब्बल का कार्यकाल भी पूरा होने जा रहा है। दरअसल उत्तर प्रदेश से 31 राज्यसभा सांसद चुने जाते हैं और फिलहाल बीजेपी के पास 22, सपा के पास 5, बसपा के पास तीन और कांग्रेस के पास एक सांसद हैं।

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English summary
UP Rajya Sabha elections: Why the importance of small parties will increase for the 11th seat
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