UP Police Topper: बिना कोचिंग के Exam में टॉप करने वाले योगेंद्र ने बताया सफलता का राज, जानें कैसे की तैयारी
UP Police Exam Topper 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2025 में महोबा जिले के योगेंद्र सिंह ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। योगेंद्र ने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता प्राप्त की और अपनी मेहनत से एक मिसाल कायम की है।
योगेंद्र सिंह का परिवार सामान्य आर्थिक स्थिति में जीवन यापन करता है। उनके पिता फरीदाबाद की एक निजी कंपनी में मजदूरी करते हैं, जबकि योगेंद्र अपने ननिहाल पाठा गांव में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। योगेंद्र ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में भी बेहतरीन अंक हासिल किए थे।

इससे पहले, योगेंद्र का चयन आयकर विभाग में ग्रुप डी पद पर भी हो चुका था, लेकिन उन्होंने पुलिस भर्ती को प्राथमिकता दी। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के अपनी मेहनत और रणनीति के दम पर परीक्षा पास की। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए सीख है, जो बिना महंगी कोचिंग के अपने लक्ष्य को पाने का सपना देखते हैं।
परीक्षा प्रक्रिया और योगेंद्र की मेहनत
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने सिपाही नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी। पहले लिखित परीक्षा हुई, फिर शारीरिक दक्षता और दौड़ परीक्षा कराई गई। मेरिट लिस्ट जारी की गई, जिसमें योगेंद्र सिंह ने पहला स्थान प्राप्त किया।
योगेंद्र ने परीक्षा की तैयारी के लिए किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने शहर के कीरत सागर क्लब और पुस्तकालय में पढ़ाई की, जहां युवा एक-दूसरे को निशुल्क ज्ञान देते हैं। यह उनकी मेहनत और अनुशासन का ही परिणाम है कि उन्होंने पूरे प्रदेश में टॉप किया।
सीमित संसाधनों के बावजूद पाई सफलता
योगेंद्र सिंह हमेशा से पढ़ाई में अव्वल रहे हैं। उन्होंने डीएवी इंटर कॉलेज से हाईस्कूल में 84 फीसदी और इंटरमीडिएट में 85 फीसदी अंक प्राप्त किए। इसके बाद उन्होंने पॉलीटेक्निक से डिप्लोमा इंजीनियरिंग और राजकीय महाविद्यालय चरखारी से स्नातक किया।
योगेंद्र अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र हैं। उनकी दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उनके पिता कामता सिंह फरीदाबाद में मजदूरी करते हैं, जबकि योगेंद्र अपनी पढ़ाई के लिए ननिहाल में रहते थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया।
बिना कोचिंग के की तैयारी
योगेंद्र सिंह ने पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए कोई महंगी कोचिंग नहीं की। उन्होंने अपनी पढ़ाई का पूरा ध्यान स्वाध्याय और पुस्तकालय पर रखा। उन्होंने रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई की और हर विषय को गहराई से समझने की कोशिश की।
उन्होंने लिखित परीक्षा की तैयारी के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए भी पूरी मेहनत की। दौड़, लंबी कूद और अन्य फिटनेस टेस्ट की तैयारी के लिए उन्होंने खुद को अनुशासित किया। उनका मानना है कि सही रणनीति और कड़ी मेहनत से बिना कोचिंग के भी सफलता हासिल की जा सकती है।












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