अब्बास अंसारी को पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन, 4 राज्यों मे यूपी पुलिस की मोर्चाबंदी
लखनऊ, 12 अगस्त: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद से ही अपराधियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार एक ओर जहां माफिया डान मुख्तार अंसारी और उसके परिवार की सम्पत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई कर रही है वहीं उनके विधायक बेटे अब्बास अंसारी फरार हैं। हालत यह है कि यूपी पुलिस को कोर्ट की लगतार फटकार झेलनी पड़ रही है। कोर्ट ने यूपी पुलिस से हर हाल में अब्बास अंसारी को हाजिर करने को कहा है। जिसके बाद अब योगी सरकार ने विधायक को पकड़ने के लिए मोर्चेबंदी शुरू कर दी है।

अदालत ने जारी किया है गैर जमानती वारंट
जानकारी के अनुसार लखनऊ पुलिस ने मऊ के फरार विधायक अब्बास अंसारी को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। अब्बास अंसारी जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी का बेटा है। इस काम के लिए पुलिस उपायुक्त रैंक के चार अधिकारियों और एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। यह टीम अब्बास की लोकशन खंगालने में जुटी हुई है। पुलिस को इस महीने की 25 तारीख तक अब्बास को कोर्ट में पेश करना है।
वरिष्ठ अधिकारियों की टीम में साइबर विशेषज्ञ भी
वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा इस टीम में चार इंस्पेक्टर, छह सब इंस्पेक्टर और पांच हेड कांस्टेबल के अलावा साइबर सेल के एक विशेषज्ञ और अपराध शाखा के एक व्यक्ति को भी शामिल किया गया है। यह टीम अब्बास अंसारी का पता लगाने के लिए आसपास के राज्यों की पुलिस के साथ भी समन्वय करेगी। पुलिस अब्बास अंसारी के सहयोगियों के आवासों पर भी छापेमारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब तक 50 से ज्यादा संभावित ठिकाने पर छापेमारी कर चुकी है।
एक ही लाइसेंस पर कई हथियार खरीदने का आरोप
दरअसल 2019 में लखनऊ महानगर थाने में दर्ज एक आपराधिक मामले में पेश होने में विफल रहने के बाद अदालत ने अंसारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। आरोप है कि अब्बास अंसारी ने एक ही लाइसेंस पर एक से अधिक हथियार खरीदे थे। एडीसीपी, नॉर्थ जोन, अनिल कुमार यादव, जो अब्बास अंसारी को पकड़ने के लिए टीम का नेतृत्व कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि अब्बास के सहयोगियों की एक सूची तैयार की गई है।
दूसरे राज्यों से समन्वय कर रही पुलिस
यादव ने कहा, "एक तकनीकी टीम भी आरोपी का लोकेशन पता लगाने में जुटी हुई है।" लखनऊ पुलिस दिल्ली, कोलकाता, चंडीगढ़, जयपुर और हैदराबाद की पुलिस के साथ भी तालमेल कर रही है। लखनऊ पुलिस द्वारा दारुलशफा के आवास अब्बास अंसारी पर छापेमारी के बाद विशेष टीम का गठन किया गया था, लेकिन वह उसे अब तक पकड़ नहीं पाई।












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