UP Panchayat Elections 2021: सपा से पिछड़ने के बाद भाजपा ने लगाया इस तिकड़म पर जोर
लखनऊ, 5 मई: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों में समाजवादी पार्टी ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को पछाड़ दिया है। क्योंकि, मतगणना का ट्रेंड बता रहा है कि सपा समर्थक उम्मीदवारों ने जिला पंचायतों के वार्ड में बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों से काफी बढ़त बना रखी है। हमारे पास जबतक के आंकड़े हैं, उसके मुताबिक समाजवादी पार्टी समर्थित 747 जिला पंचायत वार्ड में आगे थे या जीत गए थे और बीजेपी समर्थित उम्मीदवार उनसे काफी पीछे यानी 666 पर जीत गए थे या आगे चल रहे थे। लेकिन, बीजेपी को फिर भी भरोसा है कि वह ज्यादातर जिला पंचायतों में अपने अध्यक्ष बनवा सकेगी।

निर्दलीय उम्मीदवारों पर टिकी भाजपा की आस
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के नतीजों ने भाजपा को जिला पंचायतों में अपना दबदबा कायम रखने के लिए कुछ दूसरा तिकड़म अपनाने को मजबूर कर दिया है। ग्रामीण स्थानीय निकायों की सबसे ऊपरी संस्था के सर्वोच्च पद पर कब्जा करने के लिए बीजेपी अब उन निर्दलीय उम्मीदवारों से पर्दे के पीछे से बातचीत में जुट गई है, जो कि जिला पंचायतों के 3,050 वार्ड में या तो जीत चुके हैं या फिर आगे हैं। पार्टी की उच्च सूत्रों की मानें तो वह कम से कम 1,238 निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन हासिल करने की कोशिश में हैं, ताकि जिला पंचायत अध्यक्षों के ज्यादातर पद हासिल कर सके, जिसका चुनाव परोक्ष रूप से सदस्यों के बीच से करवाए जाएंगे। निर्दलीयों के अलावा बसपा समर्थक 322 और कांग्रेस समर्थक उम्मीदवार भी 77 वार्ड में बढ़त बनाए हुए थे। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी यह मानने को तैयार नहीं है कि उसे इन चुनावों में कोई खास झटका लगा है।

निर्दलीयों से बैकडोर से बातजीत में जुटी भाजपा
टाइम्स ऑफ इंडिया को बीजेपी के एक बड़े अधिकारी ने बताया है कि उनकी पार्टी निर्दलीयों के संपर्क में हैं और उनमें से कई तो पार्टी के ही बागी लोग हैं। यूपी भाजपा के उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक ने कहा है, 'पंचायत चुनाव मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर प्रभावी उम्मीदवारों पर निर्भर है, जो कि बिना किसी राजनीतिक दल के सपोर्ट से चुनाव लड़ते हैं। यही वजह है कि ज्यादातर जीतने वाले या बढ़त बना चुके निर्दलीय हैं। हमने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को उतारा है, जिससे कि जमीनी स्तर के नेता तैयार हो सकें, जो कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।' वहीं पार्टी के प्रदेश सचिव विजय शिवहरे का दावा है कि जीतने वाले ज्यादातर निर्दलीय प्रत्याशी बीजेपी से ही गए हैं, इसलिए पार्टी को 'बड़ी कामयाबी' मिली है। हालांकि, निर्दलीयों के साथ हो रहे पिछले दरवाजे से बातचीत पर पार्टी नेताओं ने कुछ भी कहने से मना कर दिया, लेकिन जानकारों की राय में सत्ता में होने की वजह से पंचायत चेयरमैन पोस्ट हासिल करने के लिए भाजपा के लिए निर्दलीयों का समर्थन जुटाना ज्यादा आसान है।

कई इलाकों में बीजेपी को लगा बड़ा झटका
बीजेपी के लिए यह चुनाव इसलिए झटका माना जा सकता है,क्योंकि जानकारी के मुताबिक जहां इसने उम्मीदवारों के लिए पूरा जोर लगाया था, वहां भी उसे उस हिसाब से सफलता नहीं मिली है। मसलन, मैनपुरी में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की भतीजी संध्या यादव को उतारने के बावजूद वह सपा समर्थित उम्मीदवार प्रमोद यादव से हार गईं। यहां सपा को 12 सीटें मिलीं और बीजेपी सिर्फ 8 ही जीत सकी। कांग्रेस को एक वार्ड मिला और बाकी 9 निर्दलीयों के खातों में चले गए। इसी तरह अलीगढ़ की 47 में से 21 सीटें निर्दलीय जीत गए और भाजपा को सिर्फ 9 सीटें मिलीं और सपा 7 सीट ले पाई।

अपने प्रदर्शन से गदगद हुई समाजवादी पार्टी
वैसे अपनी पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों के प्रदर्शन से गदगद सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि उनकी पार्टी को तब इतनी शानदार सफलता मिल रही है, जब बीजेपी ने अपनी पूरी राजनीतिक मशीनरी झोंक दी थी। सांसद, विधायक और मंत्रियों तक को गांवों में उतार दिया था। पार्टी को उम्मीद है कि इससे अगले साल के विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में अभी से जोश भर गया है। बता दें कि यूपी में पंचायत सियासी दलों के चुनाव चिन्हों पर नहीं लड़ी गई है। बल्कि पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों को जरूर उतारा है और उनके पक्ष में खुलकर प्रचार अभियान चलाया है।
-
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’












Click it and Unblock the Notifications