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UP Panchayat Election 2025: वोटर लिस्ट से हट सकते हैं 50 लाख नाम! कौन हैं ये डुप्लीकेट मतदाता

UP Panchayat Election 2025: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इससे पहले ही एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग की जांच में खुलासा हुआ है कि लाखों ऐसे मतदाता हैं जिनका नाम एक ही सूची में दो या तीन बार दर्ज है। यानी, एक व्यक्ति एक से अधिक वार्ड या गांव में वोटर के रूप में मौजूद है।

अब आयोग ने इस दोहराव को खत्म करने के लिए प्रदेशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision - SIR) अभियान शुरू करने का आदेश दिया है। अगर यह जांच पूरी तरह से हो गई, तो अनुमान है कि करीब 50 लाख नाम वोटर लिस्ट से हट सकते हैं।

UP Panchayat Chunav 2025

🔹 मतदाता सूची में बड़ा घोटाला, कई जिलों में भारी दोहराव

राज्य निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पीलीभीत, वाराणसी, बिजनौर और हापुड़ जैसे जिलों में सबसे ज्यादा डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं। सिर्फ पीलीभीत जिले के पूरनपुर ब्लॉक में ही करीब 97 हजार लोगों के नाम दो या तीन जगह सूची में दर्ज पाए गए हैं। यानी एक ही व्यक्ति अलग-अलग वार्डों में वोट देने का पात्र दिख रहा है। यह त्रुटि इतनी बड़ी है कि अगर समय रहते इसे ठीक नहीं किया गया, तो पंचायत चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठ सकते हैं।

🔹 बड़े जिलों में गड़बड़ी के चौंकाने वाले आंकड़े

निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट कहती है कि प्रदेश के 826 विकास खंडों में से 108 ब्लॉकों में 40 हजार से अधिक डुप्लीकेट मतदाता पाए गए हैं।

कुछ प्रमुख ब्लॉकों की स्थिति इस प्रकार है

  • वाराणसी (आराजीलाइन ब्लॉक): 77,947 डुप्लीकेट नाम
  • गाजीपुर (सैदपुर ब्लॉक): 71,170 नाम
  • वाराणसी (पिंडरा ब्लॉक): 70,940 नाम
  • जौनपुर (शाहगंज सोंधी ब्लॉक): 62,890 नाम

इन जिलों के अधिकारियों को आयोग ने स्पेशल मॉनिटरिंग जोन में रखा है और निर्देश दिया गया है कि तय समय में दोहराए गए नाम हटाए जाएं।

🔹 आयोग ने जिलाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि वे अपने जिलों की मतदाता सूची का घर-घर जाकर सत्यापन कराएं। हर ग्राम पंचायत में विशेष टीम गठित की जाएगी जो मतदाताओं की पहचान, आधार कार्ड और निवास प्रमाणपत्र की दोबारा जांच करेगी। डुप्लीकेट नाम हटाने की प्रक्रिया ब्लॉक और खंड स्तर पर रिपोर्ट तैयार करके आयोग को भेजी जाएगी। यह काम तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

🔹 क्यों हट सकते हैं 50 लाख नाम?

आज तक के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर पूरे प्रदेश में मतदाता सूची की पूरी तरह जांच की जाए, तो करीब 50 लाख डुप्लीकेट वोटर हटाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, "पहले भी मतदाता सूची सुधार के प्रयास हुए थे, लेकिन इतने व्यापक स्तर पर जांच कभी नहीं हुई। इस बार आयोग चाहता है कि पंचायत चुनाव से पहले ही सूची पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित हो।"

🔹 चुनाव आयोग ने तय की खर्च की लिमिट और नियम

उधर, यूपी पंचायत चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए आयोग ने नामांकन शुल्क, जमानत राशि और चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा भी तय कर दी है। अब उम्मीदवारों को स्पष्ट दिशानिर्देश दिए गए हैं ताकि चुनाव में धनबल का दुरुपयोग रोका जा सके।

नामांकन और जमानत राशि:

  • ग्राम पंचायत सदस्य (सामान्य वर्ग): नामांकन शुल्क ₹200, जमानत ₹800
  • आरक्षित वर्ग (SC/ST/OBC/महिला): नामांकन शुल्क ₹100, जमानत ₹400

ग्राम प्रधान पद:

  • सामान्य वर्ग: ₹600 नामांकन शुल्क, ₹3000 जमानत राशि
  • आरक्षित वर्ग: ₹300 नामांकन शुल्क, ₹1500 जमानत राशि

🔹 प्रचार खर्च पर सख्त निगरानी

आयोग ने ग्राम प्रधान उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा ₹1,25,000 रुपये तय की है। इसमें पोस्टर, बैनर, वाहन, प्रचार सामग्री, जनसभाओं और अन्य प्रचार गतिविधियों पर होने वाला पूरा खर्च शामिल होगा।

प्रत्येक उम्मीदवार को अपना अलग लेखा-जोखा (account book) रखना होगा, जिसे निर्वाचन अधिकारी नियमित रूप से जांचेंगे। आयोग ने चेतावनी दी है कि तय सीमा से अधिक खर्च करने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने कहा, "हम चाहते हैं कि गांव का विकास करने वाला सच्चा प्रतिनिधि चुना जाए, न कि पैसों वाला। इसलिए हमने खर्च और शुल्क दोनों पर नियंत्रण रखा है। इससे सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिलेगा।"

🔹 पारदर्शी चुनाव की तैयारी

यूपी पंचायत चुनावों से पहले मतदाता सूची की यह जांच चुनाव की दिशा तय कर सकती है। अगर आयोग समय पर सभी डुप्लीकेट नाम हटा देता है, तो यह प्रदेश में लोकतांत्रिक पारदर्शिता की बड़ी मिसाल होगी। हालांकि, सवाल यह भी है कि इतने विशाल आंकड़ों की मैनुअल जांच कितनी सटीक हो पाएगी और क्या वाकई 50 लाख नाम हटाए जा सकेंगे-इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।

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