UP Nikay Chunav Result: छाप छोड़ने में नाकाम रही कांग्रेस, 2024 से पहले अब नहीं मिलेगा बड़ा मौका
UP Nikay Chunav Result: यूपी निकाय चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर नजर डालें तो काफी निराशाजनक रहा। तीन सीटों पर वह दूसरे नंबर रही तो तीन सीटों पर उसके उम्मीदवार तीसरे नंबर पर रहे।

UP Nikay Chunav Result 2023 Updates: कांग्रेस पार्टी ने एक तरफ जहां कर्नाटक में शानदार जीत हासिल की है वहीं 2024 के लिहाज से यूपी में इसका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। एक तरफ सीएम योगी ने निकाय चुनाव में धुआंधार रैलियां की वहीं कांग्रेस का कोई बड़ा नेता मेयर प्रत्याशियों के प्रचार के लिए नहीं पहुंचा। मेयर सीट के उम्मीदवारों को भी अपने भरोसे ही चुनाव लड़ना पड़ा।। यूपी की तीन सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी दूसरे नंबर पर आने में सफल रहे।
मेयर की तीन सीटों पर दूसरे नंबर पर रही कांग्रेस
उत्तर प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस एक बार फिर अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रही। मेयर के चुनाव में कांग्रेस तीन सीटों शाहजहांपुर, झांसी और मुरादाबाद पर मुकाबले में रही। कांग्रेस के प्रत्याशियों के सामने संकट ये रहा कि केंद्र के सब नेता कर्नाटक चुनाव में व्यस्त थे इसलिए कोई प्रचार करने के लिए नहीं आया। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि,
आप देखिए कि यूपी के सीएम योगी ने यूपी में 50 रैलियां की। अखिलेश यादव ने भी प्रचार किया लेकिन कांग्रेस के लिहाज से चुनाव में किसी बड़े नेता का न आना सही नहीं रहा। खासतौर से यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी भी यूपी में एक बार भी नहीं आईं। इससे कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ता है। चुनाव में प्रत्याशी इस बात का इंतजार करता है कि उसके इलाके में बड़े नेताओं की रैली हो। हालांकि मेयर सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवारों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है।
शाहजहांपुर-झांसी-मुरादाबाद में इतने मिले वोट
निकाय चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक शाहजहांपुर में निकहत इकबाल ने कुल डाले गए वोटों में से 50,000 से अधिक वोट (15.42%) हासिल किए, जबकि झांसी में कांग्रेस उम्मीदवार अरविंद कुमार ने 39,000 से अधिक वोट (कुल डाले गए वोटों का 8.71%) हासिल किए। मुरादाबाद में कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद रिजवान को 1.17 लाख वोट मिले (सीट पर हुए कुल वोटों का 40%)।
मुथरा-लखनऊ-कानपुर में तीसरे नंबर पर रही कांग्रेस
वहीं दूसरी ओर मथुरा में पार्टी के उम्मीदवार श्याम सुंदर उपाध्याय 'बिट्टू' महज 19 मतों के बहुत कम अंतर से तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें 35,173 वोट मिले जबकि दूसरे नंबर के उम्मीदवार को 35,191 वोट मिले। सीट पर उनका वोट शेयर 12.7% था। इसी तरह लखनऊ में कांग्रेस की मेयर पद की उम्मीदवार संगीता जायसवाल तीसरे स्थान पर रहीं। उन्होंने लगभग 1.02 लाख वोट हासिल किए। हालांकि यह आंकड़ा 2017 के चुनावों में उनकी पूर्ववर्ती प्रेमा अवस्थी से 7,000 कम थे। सीट पर उनका वोट शेयर 9.9% था।
कानुपर में पिछली बार से काफी कम वोट मिले
कानपुर में, कांग्रेस उम्मीदवार आशिनी विकास अवस्थी 90,480 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। हालांकि 2017 की तुलना में पार्टी के प्रदर्शन में भारी गिरावट आई है। पिछली बार तत्कालीन उम्मीदवार वंदना मिश्रा 2.91 लाख वोट हासिल करने में सफल रहीं थीं। यानी कांग्रेस को यहां अच्छा वोट मिला था। हालांकि वह मेयर की सीट जीत नहीं पायी थी। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो कांग्रेस को 2024 से पहेल अपनी तैयारियों को परखने का अच्छा मौका मिला था लेकिन उसने इसको गांव दिया। पार्टी यदि पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ा होता तो तस्वीर अलग होती।
कांग्रेस के प्रवक्ता अशु अवस्थी कहते हैं कि,
निकाय चुनाव में हमारी स्थित पहले से मजबूत हुई है। जनता ने हमें भरपूर समर्थन दिया, इसीलिए कांग्रेस मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, और झांसी में जीत रही थी लेकिन भाजप सरकार ने पूरी सरकारी मशीनरी को दुरुपयोग कर जनता के जनादेश को लूटा। उसके पश्चात भी हम उपरोक्त नगर निगमों में उपविजेता रहे। भाजपा सरकार ने पुलिस के नेतृत्व में चुनाव लड़ा। मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए, कांग्रेस प्रत्याशियों को फर्जी मुकदमों में गिरफ्तार किया गया। जनता इस तानाशाही का जवाब कर्नाटक चुनाव की तरह 2024 में सत्ता से बाहर निकाल कर देगी।












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