UP Nikay Chunav: 29 साल बाद केरल की इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने इस तरह खत्म किया सीटों का सूखा
Indian Union Muslim League: यूपी निकाय चुनाव में केरल की इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने मेरठ में पहली बार अपना एक पार्षद बनाने में कामयाब रही है।

Indian Union Muslim League: यूपी में निकाय चुनाव सम्पन्न हो चुका है। इस चुनाव में इस बार कई छोटी पार्टियों को भी सफलता मिली है। ओवैसी की AIMIM और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की AAP ने भी इस बार यूपी के निकाय में अपनी जड़ें जमानी शुरू की हैं। इस बीच केरल में मजबूत जनाधार रखने वाली इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) भी यूपी में 29 साल बाद अपना खाता खोलने में सफल रही है।
केरल में मजबूत जनाधार वाली पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को यूपी में 29 साल बाद पार्षद का सूखा खत्म किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मैदान में इस पार्टी ने भी अपना खाता खोलकर अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी है।
इस पार्टी की ओर से मोहम्मद रिजवान ने मेरठ के फखरुद्दीन अली अहमद नगर वेस्ट फर्स्ट वार्ड से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में रिजवान ने AIMIM के उम्मीदवार को 223 मतों से हराया है। दिलचस्प बात यह है कि वार्ड में भाजपा प्रत्याशी को महज 25 वोट मिले हैं। रिजवान ने पिछले साल इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी।
पिछले 15 वर्षों से IUM से जुड़े विजयी पार्षद रिजवान ने कहा कि,
मेरठ में जिस वार्ड का मैं प्रतिनिधित्व करता हूं, वह सबसे अविकसित वार्डों में से एक है जहां बड़ी संख्या में लोग बुनाई के पेशे में लगे हुए हैं। क्षेत्र के वंचित बच्चों के लिए एक उचित स्कूल की तत्काल आवश्यकता है। सड़कें और स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। कोई बैंक या डाकघर नहीं है जहां लोग बचत खाते खोल सकें। अगले पांच साल में मेरी इन मुद्दों पर कुछ बदलाव लाने की योजना है।
फखरुद्दीन अली अहमद नगर वेस्ट फर्स्ट वार्ड में कुल 9,871 पंजीकृत मतदाता हैं लेकिन मुस्लिम बहुल इलाके की आबादी करीब 40,000 है। हालांकि इससे पहले यूपी में IUML को 1974 में फिरोजाबाद से अपना पहला विधायक मिला था। इसके 1989 में हुए निकाय चुनाव में मेरठ में पांच पार्षद जीते थे। साथ ही इस पार्टी को डिप्टी मेयर का पद भी मिला था मिला। उनका आखिरी पार्षद 1994 में मेरठ से चुना गया था।
हालांकि IUML के राज्य महासचिव मोहम्मद उवैस कहते हैं कि,
पार्टी ने आखिरकार छोटे स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, लेकिन अभी तो यह एक शुरुआत है। अभी और आगे तक जाना है।
दरअसल, IUML की स्थापना 1948 में संसद के पूर्व सदस्य एम मुहम्मद इस्माइल ने की थी और 1979 में तीन महीने के लिए केरल में इसके पहले मुख्यमंत्री (चेरियान कंडी मुहम्मद कोया) बने थे। वर्तमान में केरला में पार्टी के पास 15 विधायक और तीन सांसद हैं ( राज्यसभा सहित) जबकि तमिलनाडु से एक सांसद भी है।












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