UP Nikay Chunav 2023: किस पार्टी का किला सबसे मजबूत? BJP-कांग्रेस और सपा-बसपा का समीकरण समझें
UP Nikay Chunav 2023 प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस, बसपा और समाजवादी पार्टी के लिए भी अहम साबित हो सकता है। कई जगहों पर बैलेट पेपर से मतदान होंगे। ऐसे में दलगत समीकरण समझना बेहद रोचक है। जानिए

UP Nikay Chunav 2023 के लिए मतदान दो चरणों में होने हैं। 13 मई को नतीजों का ऐलान होगा। भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसी पार्टियों के प्रदर्शन पर सबकी नजरें हैं। इसी बीच कांग्रेस की परफॉर्मेंस पर रोचक आंकड़े सामने आए हैं।
वोटिंग से पहले संभावनाओं की तलाश
यूपी में निकाय चुनाव के बारे में रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (BSP) का प्रदर्शन कांग्रेस से बेहतर रहा, ऐसा दावा किया गया है। उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव के लिए मतदान और नतीजों से पहले पार्टियां संभावनाएं टटोल रही हैं।
बसपा का जनाधार कांग्रेस से बीस!
यूपी नगर निकाय चुनाव 2023 के बारे में सियासी पंडितों का मानना है कि सत्तारूढ़ BJP और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच कड़ा मुकाबला हो सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की पार्टी बसपा ने 2017 के इलेक्शन में कांग्रेस से बेहतर प्रदर्शन किया था।
क्या त्रिकोणीय मुकाबला होगा
समाजवादी पार्टी यूपी विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल है। ऐसे में भाजपा को कांटे की टक्कर मिलने की पूरी संभावना है। बसपा भी तैयारियों में जुटी है। ऐसे में दिलचस्प राजनीतिक मुकाबले के आसार हैं।
दलितों के साथ सपा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव आगामी 14 अप्रैल को महू भ्रमण करने वाले हैं। संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती के दिन इस दौरे को सपा के बढ़ते दलित प्रेम के रूप में देखा जा रहा है।
बीजेपी का ओबीसी प्रेम
ओबीसी वोटर की अच्छी खासी तादाद मुकाबले को बेहद दिलचस्प बनाती है। भाजपा के कथित ओबीसी प्रेम को भी महत्वपूर्ण सियासी रणनीति के तौर पर माना जा रहा है। इन दोनों के अलावा कांग्रेस सहानुभूति के सहारे दिख रही है।
मुस्लिम वोट बैंक पर भी नजरें
रिपोर्ट्स के अनुसार राहुल गांधी की सांसदी छिनने के मुद्दे को भुनाने का प्रयास किया जाएगा। इन दलों के अलावा AIMIM भी चुनाव लड़ेगी। मुस्लिम वोट बैंक भी काफी अहम रहने वाला है।
इन छोटे दलों की भी अहम भूमिका होगी
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (AIMIM) और डॉ अय्यूब के नेतृत्व वाली पीस पार्टी भी नगर निकाय चुनाव में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) भी यूपी के नगर निकाय चुनाव में हाथ आजमा रही है।
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BSP के दो महापौर
यूपी नगरीय निकाय चुनाव 2017 में भाजपा सबसे आगे रही थी। कांग्रेस जनाधार खो चुकी है। तीसरे नंबर पर रही बसपा कांग्रेस से बेहतर प्रदर्शन करने वाली पार्टी थी। बसपा को नगर निगम महापौर की 16 में से दो सीटें मिली थीं।
निर्दलीय उम्मीदवारों को भी बड़ी सफलता
निर्दलीय प्रत्याशी भी करीब 6 साल पहले चुनाव के दौरान सबको चौंकाने में सफल रहे थे। नगर पंचायतों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने परचम लहराया था। कितनी सीटों पर ताल ठोकेंगे प्रत्याशी, इस गणित पर एक नजर-
- कुल निकाय- 652
- महापौर की सीटें- 16
- नगर निगम पार्षद- 1300
- नगर पालिका परिषद चेयरमैन- 198
- पार्षद की सीटें- 5261
- नगर पंचायत चेयरमैन- 438
- नगर पंचायत सदस्य- 5434
नगरीय निकाय चुनाव 2017 के प्रमुख प्रदर्शन पर एक नजर-
(आंकड़े का श्रोत- लाइव हिंदुस्तान)
| पार्टी | नगर निगम महापौर | नगर निगम पार्षद | नगर पालिका चेयरमैन | नगर पालिका पार्षद | नगर पंचायत चेयरमैन | नगर पंचायत सदस्य |
| BJP | 14 | 596 | 70 | 923 | 100 | 664 |
| BSP | 02 | 147 | 20 | 262 | 45 | 218 |
| SP | -- | 202 | 49 | 477 | 83 | 453 |
| कांग्रेस | -- | 00 | 00 | 00 | 00 | 01 |
| AAP | -- | 03 | 00 | 17 | 02 | 19 |
| AIMIM | -- | 12 | 00 | 07 | 01 | 06 |
| निर्दलीय | -- | 225 | 43 | 3349 | 182 | 3876 |
ईवीएम पर भी खास बंदोबस्त
खास बात ये है कि इस बार यूपी नगर निगम चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल होगा, जबकि नगर पालिका व नगर पंचायत के चुनाव मतपत्र यानी बैलेट बॉक्स से कराए जाएंगे। 17 नगर निगमों में दो अलग-अलग ईवीएम लगाई जाएंगी। महापौर और पार्षद पद के उम्मीदवारों की अलग-अलग EVM लगेगी।
अलग-अलग रंगों का बैलेट पेपर
16 से अधिक उम्मीदवार होने पर ईवीएम की संख्या भी बढ़ेगी। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के लिए हरे रंग का बैलेट पेपर, नगर पंचायत अध्यक्ष के पद के लिए सफेद मतपत्र यूज होगा। नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के सदस्यो का चुनाव गुलाबी मतपत्र से होगा।












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