UP News: मानसून पूर्व किसानों को लेकर चिंतित योगी सरकार, मुख्यमंत्री ने एजेंसियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली। इस दौरान सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नदी के किनारे बसे आवासीय इलाकों और खेती की सुरक्षा में नदियों का चैनेलाइजेशन उपयोगी सिद्ध हो रहा है। जनपद अम्बेडकर नगर, बलराम पुर, बाराबंकी, सीतापुर और श्रावस्ती में ड्रेनेज एवं चैनेलाइजेशन की जारी परियोजनाओं को समय से पूर्ण कराएं। निकली हुई सिल्ट का सदुपयोग किया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर बाढ़ राहत कंट्रोल रूम 24×7 एक्टिव मोड में रहें। उत्तर प्रदेश पुलिस रेडियो मुख्यालय द्वारा बाढ़ से प्रभावित होने वाले जनपदों में 113 बेतार केन्द्र अधिष्ठापित किए गए हैं। मानसून अवधि में यह केन्द्र हर समय एक्टिव रहें। बाढ़, अतिवृष्टि की स्थिति की नियमित मॉनीटरिंग की जाए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ/पीएसी फ्लड यूनिट तथा आपदा प्रबंधन टीमें 24×7 एक्टिव मोड में रहें। आपदा मित्र स्वयंसेवकों के साथ-साथ होम गार्डों की सेवाएं भी ली जाएं। इनकी तैनाती के सम्बन्ध में कार्य योजना तैयार कर लें। सभी एजेंसियों के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन किया जाए। नौकाएं, राहत सामग्री आदि का प्रबन्ध समय से किया जाए। बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में समय से राहत कार्य पूर्ण किये जाए। प्रभावित परिवारों को हर सम्भव मदद तत्काल उपलब्ध कराई जाए। राहत कार्य में मझोली और बड़ी नौकाओं का प्रयोग किया जाए। सभी नौका सवार लोग लाइफ जैकेट जरूर पहनें।

सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ के दौरान और बाद में बीमारियों के प्रसार की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य किट तैयार कर जिलों में पहुंचायी जाए। क्लोरीन टैबलेट, ओआरएस तथा बुखार आदि की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सर्प दंश की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सकीय मदद प्रदान की जाए। बाढ़ के दौरान जलभराव से प्रभावित जनपदों में पशुओं की सुरक्षा के प्रबन्ध किये जाए। उचित होगा कि बाढ़ के समय पशुओं को अन्यत्र कहीं सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। निराश्रित गोआश्रय स्थलों में पशु चारे की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। पशुओं का टीकाकरण समय से पूर्ण किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राहत सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बाढ़ राहत शिविरों में लोगों को ताजा भोजन प्रदान किया जाए। राहत सामग्री का पैकेट मजबूत तथा ले जाने में सुविधाजनक होना चाहिए। अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की फसलों की क्षतिपूर्ति अविलम्ब कराई जाए। किसानों को मौसम पूर्वानुमान से अवगत कराते हुए खेती-किसानी के लिए अनुकूल परिस्थितियों के बारे में जागरूक किया जाए। बरसात के कारण निर्माण परियोजनाओं पर होने वाले असर के दृष्टिगत पहले से आवश्यक प्रबन्ध कर लिए जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली के पोल, तार, सड़क आदि समय से ठीक कर लिए जाए।
बैठक में सीएम योगी को अवगत कराया गया कि जन-धन की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2024 में बाढ़ से सुरक्षा के लिए समय से तैयारियां की गई हैं। अति संवेदनशील के रूप में चिन्हित 17 जनपदों के 37 तटबन्धों का अनुरक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सभी अतिसंवेदनशील तटबन्धों पर प्रभारी अधिकारी, सहायक अभियन्ता नामित किए जा चुके हैं। तटबन्धों पर क्षेत्रीय अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा लगातार निरीक्षण एवं सतत निगरानी की जा रही है।
सीएम योगी को अवगत कराया गया कि वर्ष 2023 में बाढ़ से प्रभावित अतिसंवेदनशील, संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर बाढ़ परियोजनाओं के द्वारा बाढ़ बचाव कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। प्रदेश में बाढ़ से निपटने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक 75 जनपदों में सम्पन्न हो गई है।












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