UP News: उत्तर प्रदेश में सड़क विकास को मिली नई रफ्तार, योगी सरकार ने स्वीकृत किए 575.99 करोड़
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 35 प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण के लिए 575.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष के दौरान इन सड़कों के निर्माण कार्य के लिए 112.56 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है।
हालांकि, इन सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य नए वित्तीय वर्ष में ही शुरू हो पाएगा क्योंकि टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने में लोक निर्माण विभाग (PWD) को लगभग 45 से 50 दिन लगेंगे। ऐसे में सरकार की स्वीकृति के बावजूद, सड़कों के निर्माण कार्य में देरी हो सकती है।

प्रदेश के किन जिलों में होगा सड़कों का चौड़ीकरण?
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने उत्तर प्रदेश के बहराइच, संत कबीर नगर, कुशीनगर, हरदोई, बागपत, मेरठ, फतेहपुर, बाराबंकी, शाहजहांपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, बरेली, बुलंदशहर, हापुड़, बिजनौर, प्रयागराज, फतेहगढ़, कन्नौज, गौतमबुद्ध नगर, सीतापुर, पीलीभीत, आगरा और झांसी सहित 35 महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण की योजना बनाई थी।
अब राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद, इन मार्गों को चौड़ा करने का कार्य नए वित्तीय वर्ष में शुरू किया जाएगा। इससे प्रदेश के लाखों लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और यातायात की स्थिति में सुधार आएगा।
लोक निर्माण विभाग इस कार्ययोजना को तैयार करने में छह महीने की देरी कर चुका था। अप्रैल 2024 में शासन को भेजी जानी चाहिए थी, लेकिन यह अक्टूबर 2024 में भेजी गई। इससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाराज हो गए और उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
विभागीय देरी के कारण जिन सड़कों का निर्माण कार्य इस वित्तीय वर्ष में शुरू हो जाना चाहिए था, वे अब अगले वित्तीय वर्ष में ही संभव हो पाएंगे। हालांकि, सरकार ने अब तेजी से इस परियोजना को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
जौनपुर को मिला बड़ा तोहफा
जौनपुर जिले में नेशनल हाईवे 731 (मिश्रौली) सिंगरामऊ से रतासी-तियरा संपर्क मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 23.03 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना के तहत पहली किस्त के रूप में 5.62 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं।
यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में थी, जिससे हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब सरकार के इस निर्णय से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी।
चार दशक से उपेक्षित सड़क
सिंगरामऊ (मिश्रौली) से रतासी चौराहे होते हुए तियरा बाजार तक का मार्ग लगभग चार दशक से खराब स्थिति में था। खराब सड़कों के कारण वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही थी।
अब इस मार्ग के चौड़ीकरण से स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को भी फायदा होगा। इस सड़क से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं।
क्यों जरूरी है प्रदेश की सड़कों का चौड़ीकरण?
उत्तर प्रदेश में कई प्रमुख मार्गों पर बढ़ते यातायात और जर्जर होती सड़कों के कारण दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही थी। सरकार के इस फैसले से यातायात जाम की समस्या कम होगी, लंबी दूरी तय करने में लगने वाला समय घटेगा, वाहनों के रखरखाव का खर्च कम होगा, आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।












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