UP News: बीजेपी पर दबाव बनाने में जुटे ओम प्रकाश राजभर? अब चलाएंगे ये बड़ा अभियान
OM Prakash Rajbhar: उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सहयोगी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने बीजेपी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार जल्द करने को लेकर उन्होंने अब ये तरीका अपनाया है। राजभर ने सामाजिक न्याय समिति की सिफारिशों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण पर न्यायमूर्ति जी रोहिणी आयोग की रिपोर्ट के कार्यान्वयन पर एक राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की तैयारी में हैं।

दरअसल, पिछले साल जुलाई 2022 में समाजवादी पार्टी से अलग होने और अपनी पार्टी को भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ जोड़ने के बाद से राजभर योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में शामिल होने की पैरवी कर रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया बैठक ने दिवाली से पहले योगी मंत्रिमंडल 2.0 के बहुप्रतीक्षित विस्तार की अटकलों को और हवा दे दी थी लेकिन इसी समय बीजेपी नेता और योगी सरकार में मंत्री रहे गोपाल टंडन का निधन हो गया जिससे संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर ग्रहण लग गया।
एसबीएसपी के सूत्रों की माने तो भाजपा नेतृत्व की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार या उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने के बारे में कोई संदेश नहीं आया है। एसबीएसपी के एक नेता ने बताया कि, "बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने पहले वादा किया था कि पिछले साल जुलाई में एसबीएसपी द्वारा एसपी के साथ गठबंधन तोड़ने के बाद मुझे मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। एसबीएसपी एनडीए का सहयोगी है और हमें 2024 के लोकसभा चुनाव में भी सीट बंटवारे की उम्मीद है।'
आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा के लिए दिवाली के बाद एसबीएसपी नेताओं की बैठक होगी। संगठन को मजबूत करने के अलावा, एसबीएसपी पार्टी कैडर को एकजुट करने के लिए विभिन्न मुद्दों पर आंदोलन शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि एसबीएसपी राजभर समुदाय को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की भी मांग करेगी और राज्य में पूर्ण शराबबंदी के लिए दबाव डालेगी। उन्होंने बिहार सरकार द्वारा जाति आधारित आरक्षण को 50 फीसदी से बढ़ाकर 65 फीसदी किये जाने को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक नौटंकी बताया है।












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