UP News: पूर्व कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान का Samajwadi Party से हो गया मोहभंग? ये लग रहीं अटकलें
Dara Singh Chauhan: यूपी की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे दारा सिंह चौहान घाट-घाट का पानी पी चुके हैं। सपा, बसपा और बीजेपी तीनों दलों में वह रह चुके हैं। एक बार फिर वो सपा छोड़कर बीजेपी में आने की कवायद में जुटे हैं।

Dara Singh Chauhan: लोकसभा चुनाव से पहले सभी पार्टियों ने अपने कील कांटे दुरुस्त करने शुरू कर दिए हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले भाजपा के पूर्व विधायक और यूपी के पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान का सपा से मोहभंग हो गया है। बीजेपी के सूत्रों की माने तो वह जल्द ही बीजेपी खेमे में उनकी वापसी हो सकती है।
विधानसभा चुनाव में सपा में शामिल हुए थे दारा सिंह चौहान
दरअसल 63 वर्षीय दारा सिंह चौहान मऊ जिले के घोसी से सपा विधायक हैं। वह योगी 1.0 सरकार में मंत्री थे, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बगावत कर दी और दो अन्य मंत्रियों, स्वामी प्रसाद मौर्य और धर्म सिंह सैनी के साथ सपा में शामिल हो गए थे।
बीजेपी में वापसी की कवायद में जुटे हैं दारा
सूत्रों की माने तो दारा सिंह चौहान 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में संभावित वापसी के लिए भाजपा नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं। कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी उन्हें घोसी संसदीय सीट से मैदान में उतार सकती है। बीजेपी 2019 के चुनाव में सपा समर्थित बसपा उम्मीदवार अतुल कुमार सिंह से हार गई थी। चौहान ने घोसी संसदीय सीट से 2009 में बसपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी।
बीजेपी में सही समय पर होगी दारा सिंह चौहान की वापसी
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने पुष्टि करते हुए कहा कि दारा सिंह चौहान की भाजपा में "उचित समय पर" वापसी की अंतिम रूपरेखा तैयार की जा रही है। ओबीसी के बीच नोनिया उप-जाति से आने वाले दारा को पूर्वी यूपी, खासकर मऊ, आजमगढ़ और गाजीपुर में काफी प्रभाव रखने के लिए जाना जाता है।
कई दलों में रह चुके हैं पूर्व मंत्री दारा
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चौहान राजनीतिक पैंतरेबाज़ी के लिए जाने जाते हैं। अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बसपा से की। उन्हें 1996 में राज्यसभा भेजा। इसके बाद वे सपा में शामिल हो गए, जिसने उन्हें 2000 में संसद के उच्च सदन में भेज दिया। चौहान 2007 में बसपा में लौट आए जब पार्टी प्रमुख मायावती यूपी में सत्ता में आई। वह 2009 के लोकसभा चुनावों में घोसी से चुने गए थे। वास्तव में, मायावती ने उन्हें लोकसभा में पार्टी का नेता नियुक्त किया था।
2014 में बीजेपी के हरिनारायण से हार गए थे दारा
चौहान हालांकि 2014 के आम चुनावों में भाजपा के हरि नारायण राजभर से हार गए। बाद में वह 2015 में भाजपा में शामिल हो गए थे। 2017 के विधानसभा चुनावों में मधुबन विधानसभा सीट से जीते और यहां तक कि उन्हें वन और पर्यावरण मंत्री के रूप में योगी कैबिनेट में शामिल किया गया।
पूर्व मंत्री धर्म सिंह भी बीजेपी के सम्पर्क में
इसके अलावा पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी ने भी भगवा संगठन में अपनी वापसी के लिए भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ परोक्ष बातचीत की थी। विशेषज्ञों ने कहा कि बीजेपी पूर्वी यूपी क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए प्रयास कर रही है, जिस पर सपा और बसपा सहित क्षेत्रीय दलों की नजर है। ओम प्रकाश राजभर की अगुआई वाली एसबीएसपी भी बीजेपी के साथ गठबंधन की तैयारी में जुटी हुई है।












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