UP: केशव मौर्य के इस बयान से विपक्ष की बोलती हुई बंद, जानिए जातीय जनगणना को लेकर क्यों खिंची तलवारें
UP Vidhanparishad: देश में अगले साल 2024 के लोकसभा चुनावों से कुछ महीने पहले जातीय जनगणना के मुद्दे को लेकर राजनीति होनी शुरू हो गई है। यूपी में भाजपा के शीर्ष ओबीसी चेहरे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि उनकी पार्टी की सरकारें जाति-आधारित जनगणना के खिलाफ नहीं हैं। मौर्य ने विधान परिषद में यह बयान दिया।

केशव मौर्य ने साधा निशाना
मौर्य का स्पष्ट दावा कि भाजपा जाति जनगणना के विरोध में नहीं है, भावनात्मक मुद्दे पर भाजपा को घेरने की विपक्षी योजना को हराने के लिए पार्टी के कदम को रेखांकित करता है। साथ ही विधान परिषद में सदन के नेता मौर्य ने परिषद के अंदर यह स्पष्ट किया क्योंकि विपक्षी समाजवादी पार्टी ने उस मुद्दे को उठाया जिस पर भाजपा अब तक काफी हद तक सावधानी से आगे बढ़ रही थी।
विधान परिषद में केशव मौर्य ने दिया जवाब
केशव प्रसाद मौर्य ने शून्यकाल के दौरान दिए गए सपा के स्थगन प्रस्ताव नोटिस का जवाब देते हुए मौर्य ने कहा कि, "सपा सदस्य अच्छी तरह से जानते हैं कि ऐसी जनगणना का आदेश केवल केंद्र द्वारा दिया जा सकता है। हमारा वरिष्ठ नेतृत्व पहले ही कई मौकों पर साफ कर चुका है कि वे जाति जनगणना के विरोध में नहीं हैं। सपा जातीय जनगणना की बात तो करती रहती है, लेकिन असल में इसके पक्ष में नहीं दिखती। जब वे सत्ता में थे तो उन्होंने इस मुद्दे पर कुछ क्यों नहीं किया?"
सपा ने उठाया था जातीय जनगणना का मुद्दा
दरअसल यह सब तब शुरू हुआ जब सपा एमएलसी लाल बिहारी यादव, नरेश उत्तम पटेल और आशुतोष सिन्हा ने परिषद के अंदर इस विषय पर भाजपा को घेरने की कोशिश की। सपा विधायकों ने कहा, "हम जाति आधारित जनगणना चाहते हैं, लेकिन भाजपा ने सभी जनगणना रोक दी है। 2011 में जाति जनगणना हुई लेकिन आंकड़े जारी नहीं किये गये. और अब, 2023 में सभी जनगणना अभ्यास रोक दिए गए है।"
पुरानी पेंशन को लेकर सरकार की ना
राज्य सरकार ने बुधवार को विधान परिषद में साफ कर दिया कि पुरानी पेंशन नीति लागू करना संभव नहीं है क्योंकि नई पेंशन योजना अब अप्रैल 2005 से लागू हो गयी है। नई योजना सभी शैक्षणिक संस्थानों में लागू कर दी गयी है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा, "केंद्र ने 2004 में नई पेंशन योजना लागू की और यूपी में इसे 1 अप्रैल 2005 से लागू किया गया। तब से यह व्यवस्था लागू है।"
मंत्री ने कहा कि नई पेंशन योजना का लाभ स्व-वित्त संस्थानों को भी दिया गया है। सरकार की यह प्रतिक्रिया शिक्षक समूह के नेता ध्रुव कुमार त्रिपाठी द्वारा पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा उठाए जाने के बाद आई है।












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