UP News: बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण से 55 हजार लोगों की नौकरी खतरे में, कही आप तो नहीं
UPPCL News In Hindi Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने दक्षिणांचल और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का निजीकरण होना लगभग तय हो चुका है। दोनों निगमों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने निजीकरण के लिए नए सिरे से कंपनी बनाने और अन्य निर्णय लेने के लिए यूपीपीसीएल प्रबंधन को अधिकृत कर दिया है। इसके बाद प्रदेश के लगभग 55 हजार संविदा कर्मियों को नौकरी जाने का डर सता रहा है।
मंगलवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही निजीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसे लेकर निविदा व संविदा कर्मियों में आक्रोश है। कई दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है। निजीकरण से लगभग 55 हजार आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नौकरी जाएगी।

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन संविदा कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल निगम में निजीकरण से लगभग 55 हजार बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी चली जाएगी। इसके साथ ही मध्यांचल और पश्चिमांचल निगम ने बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों कि छंटनी की शुरुआत हो गई है। विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि निजीकरण से उपभोक्ताओं को महंगी बिजली से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी व अभियंता 10 दिसंबर को पूरे दिन काली पट्टी बांध कर कार्य करेंगे। साथ ही, सीएम योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र भेजेंगे। यह फैसला संघर्ष समिति की बैठक में लिया गया।












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