UP Nagar Nikay Chunav 2023: मेरठ महापौर सीट पर BSP की राह आसान नहीं, BJP से मिलेगी कड़ी टक्कर
नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। इस बार मेरठ नगर निगम सीट पर बीजेपी-बीएसपी के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि पिछली बार बसपा ने बीजेपी को हराकर यह सीट जीत ली थी।

Meerut Municipal Corporation seat: उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी राजनीतिक दल अपनी अपनी गोटियां सेट करने में जुटे हैं। 2017 के नगर निगम के चुनाव में मेरठ में बीजेपी को निराशा हाथ लगी थी लेकिन इस बार बीजेपी यहां पंजाबी दांव खेलने के मूड में हैं। पिछली बार बुरी हार से सबक लेते हुए बीजेपी इस बार नए चेहरे और नए समीकरण के साथ मैदान में आना चाहती है। हालांकि पिछली बार यह सीट एससी-एसटी के लिए आरक्षित थी लेकिन इस बार यह सीट ओबीसी के लिए रिजर्व हो गई है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो इस सीट पर इस बार बसपा-बीजेपी में कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी और पिछला प्रदर्शन दोहराना बसपा के लिए आसान नहीं होगा।
मेरठ में बीजेपी खेल सकती है पंजाबी दांव
बीजेपी की तरफ से इस सीट पर दावेदारों की एक लंबी सूची है। हालांकि इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि मेयर सीट ओबीसी के लिए आरक्षित होने के बाद अब सीट से दावेदार कौन होगा। हरिकांत अहलूवालिया के अलावा विनय प्रधान, मनोज जायसवाल, मनिंन्दरपाल सिंह के नाम रेस में बताया जा रहे हैं। हालांकि इस बार उम्मीदवार के चयन को लेकर बीजेपी काफी सतर्क हो गई है क्योंकि बीजेपी इस बार निकाय चुनाव को सेमीफाइनल मानकर चल रही है।
बसपा-बीजेपी में होगी कड़ी टक्कर
पिछले चुनाव में इस सीट पर बसपा और बीजेपी में कड़ी टक्कर देखने को मिली थी। जबकि सपा पिछले चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। मेरठ को भाजपा का गढ़ माना जाता है और ऐसा कहा जाता है कि पश्चिमी यूपी की राजनीति की दशा और दिशा यहीं से तय होती है। पिछले कई चुनावों में बीजेपी को लगातार सफलता मिल रही है लेकिन पिछली बार मेरठ से 2017 में बसपा की सुनीता वर्मा ने भाजपा की कांता कर्दम को बुरी तरह से हराया था। जबकि मेरठ में भाजपा के सांसद और विधायकों की फौज थी।
उम्मीदवार को लेकर मंथन करने में जुटी है बीजेपी
उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। यूपी में दो चरण में निकाय चुनाव होंगे। पहले चरण में 4 मई को और दूसरे चरण में 11 मई को वोट डाले जाएंगे। इसके बाद 13 मई को मतगणना होगी और नतीजों का ऐलान होगा। तिथियों का ऐलान होने के बाद से ही बीजेपी अब यहां अपने उम्मीदवार को लेकर मंथन करने में जुटी हुई है। बीजेपी के सूत्रें की माने तो बीजेपी पूर्व महापौर हरिकांत अहलूवालिया को मैदान में उतार सकती है। जबकि सपा ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
मेरठ में पिछली बार बीजेपी को मिली थी निराशा
मेरठ सीट की बात करें तो यहां कुल 90 वार्ड हैं। फिलहाल इस नगर निगम पर बसपा का कब्जा है। इस शहर को क्रिकेट के लिए भी जाना जाता है। हालांकि बीजेपी की मजबूत स्थिति को देखते हुए यह भी कहा जा सकता है कि बसपा को पिछला इतिहास दोहराने में पसीने छूट सकते हैं। जिले में एक नगर निगम, दो नगर पालिकाएं और 13 नगर पंचायतें हैं। बीजेपी की तरफ से प्रत्याशियों का चयन अंतिम दौर में है। पिछले चुनाव में मात्र परीक्षितगढ और दौराला में ही बीजेपी को जीत मिली थी।
योगी-मोदी की नीतियों पर जीत का भरोसा
बीजेपी के जिलाध्यक्ष विमल शर्मा कहते हैं कि बीजेपी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि बीजेपी को लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव में जनता ने अपना आशीर्वाद दिया है। पीएम मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की सरकार जनता की उम्मीदों पर लगातार खरा उतरने का काम कर रही है। इस बार के चुनाव में बीजेपी शानदार जीत हासिल करेगी। वहीं बीजेपी के दावे पर बसपा के जिलाध्यक्ष मोहित आनंद कहते हैं कि पार्टी की तरफ से जीत की पूरी तैयारी कर ली गई है। इस बार भी नगर निगम सीट पर बसपा का ही महापौर बनेगा।












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