UP Trade Show: समृद्ध संस्कृति और टेक इनोवेशन का अनूठा संगम, व्यापार मेला में दिखा ड्रोन से लेकर रामायण तक
UP International Trade Show: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो ने वैश्विक और स्थानीय व्यापार, संस्कृति और तकनीकी नवाचार का एक अनूठा मंच साबित हुआ। इस मेले का उद्घाटन भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ द्वारा किया गया। इस आयोजन में अलग अलग दिन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, जितनराम मांझी, पीयूष गोयल और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों राकेश सचान और गोपाल गुप्ता नंदी ने आगंतुक उद्योगपतियों, कलाकारों और मीडियो को संबोधित किया।

व्यापार और तकनीकी नवाचार की झलक
इस भव्य आयोजन में न केवल व्यापार और वाणिज्य के क्षेत्र में यूपी की ताकत को प्रदर्शित किया गया, बल्कि तकनीकी नवाचारों की भी भरपूर झलक देखने को मिली। इस मेले में रोबोटिक्स और एआई तकनीकों का बेहतरीन प्रदर्शन किया गया। हॉल नंबर 1 में ड्रोन बनाने वाली कंपनी राफ़े एमफिब्र के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। ड्रोन तकनीक ने यह दिखाया कि कैसे आधुनिक तकनीक कृषि, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में किस प्रकार क्रांति ला सकती है।

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत किया गया एआई आधारित 'रामायण' शो मेले का मुख्य आकर्षण बना। इस शो ने भारत की समृद्ध पौराणिक धरोहर को अत्याधुनिक तकनीकी के साथ जोड़ते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। एआई का उपयोग कर रामायण की कथाओं को सजीव तरीके से प्रदर्शित किया गया, जो भविष्य की तकनीक और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम दिखा रहा था।
कृषि और हथकरघा उत्पादों की धूम
उत्तर प्रदेश की समृद्ध कृषि परंपरा और हस्तशिल्प उद्योग ने इस मेले में अपनी खास पहचान बनाई। कृषि से जुड़े स्टॉल्स में जैविक कृषि उत्पादों, नई कृषि तकनीकों और उत्तर प्रदेश के पारंपरिक कृषि उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। वहीं, हथकरघा और हस्तशिल्प के स्टॉल्स ने स्थानीय कारीगरों की मेहनत और कलात्मकता का परिचय दिया। मेले में बनारसी साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, भदोही के कालीन और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पादों ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। अधिकांश उद्यमियों ने राज्य सरकार की एमएसएमई पॉलिसी की सराहना की और कहा कि सरकार द्वारा मिलने वाले आसान ऋण और अनुदान के कारण उद्योग का विस्तार करने में काफी मदद मिल रही है।

जल शक्ति की पहल
उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति विभाग ने अपने स्टॉल के माध्यम से जल संरक्षण और पुनर्चक्रण के महत्व को भी जोर-शोर से प्रस्तुत किया। जल शक्ति की विभिन्न योजनाओं और पहलों को दर्शाने वाले स्टॉल्स ने यह दिखाया कि कैसे राज्य सरकार जल संकट को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। स्मरण रहे कि जल शक्ति सरकार की एक अत्यंत महत्त्वाकांक्षी और पुरस्कृत परियोजना है।
सांस्कृतिक विविधता की झलक
व्यापार और तकनीकी नवाचारों के साथ, इस आयोजन ने उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रमुखता से उजागर किया। मेले में यूपी की लोक कलाओं, संगीत और नृत्य का अनूठा संगम देखने को मिला। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए लोक कलाकारों ने अपनी कला से दर्शकों का मन मोह लिया। ब्रज की होली, अवधी लोक संगीत और बुंदेलखंड के नृत्य ने सांस्कृतिक विविधता को और भी जीवंत बना दिया। लाइव कार्यक्रमों के अतिरिक्त हॉल नंबर 4 में संस्कृति मंत्रालय में चल रहे एआई जेनेरेटेड रामायण और यूपी पर्यटन विभाग के स्टॉल लोगों के बीच चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न कर रहा था।
मेला की उपलब्धि - नवाचार, रोजगार और व्यापार का भरोसा
कार्यक्रम के अंतिम दिन इस ट्रेड मेला की उपलब्धियों पर वनइंडिया द्वारा आयोजित परिचर्चा में मेला में आए इंटरप्रेन्योर, व्यापारी, आयोजक और विशेष आमंत्रित सदस्यों ने भाग लिया। मुख्य वक्ता के रूप में पूजा मिश्रा, जो राफ़े एमफिब्र प्राइवेट लिमिटेड में मार्केटिंग की सीनियर वीपी हैं ने व्यापारिक दृष्टिकोण साझा किया। औद्योगिक विकास पर ज़ोर देते हुए लिमका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नामित सिटीजन मेटल इंडस्ट्री के मालिक योगेश चावला ने उद्योग के विकास के लिए ऐसे कार्यक्रमों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यहाँ आने से व्यवसाय, लोकप्रियता के साथ साथ व्यापारियों का सम्मान भी बढता है। एकेडेमिया के प्रतिनिधि वैभव पोरवाल और इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर के महाप्रबंधक केके राव ने राज्य की निर्यात क्षमता को बढ़ाने में नवाचार और बुनियादी ढांचे की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला।












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