यूपी सरकार ने SC को बताया - "कप्पन के चरमपंथी संगठन PFI के साथ घनिष्ठ संबंध हैं"
यूपी सरकार ने SC को बताया - "कप्पन के चरमपंथी संगठन PFI के साथ घनिष्ठ संबंध हैं"
लखनऊ, 06 सितंबर: केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन द्वारा दायर जमानत याचिका का उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया। कप्पन जिसके खिलाफ कथित हाथरस साजिश मामले में यूएपीए और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया था उसकी जमानत याचिका पर विरोध जताते हुए यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि कप्पन के चरमपंथी संगठन PFI के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।

प्रदेश सरकार ने कहा गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें बताया गया है कि कप्पन के चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।
तुर्की में आईएचएच जैसे अलकायदा से जुड़े संगठनों से संबंध पाए गए हैं
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने हलफनामे में ये कहा कि कप्पन के पीएफआई और इसकी छात्र शाखा, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) जैसे आतंकी फंडिंग / योजना संगठनों के साथ "गहरे संबंध" हैं। इन संगठनों के कथित तौर पर तुर्की में आईएचएच जैसे अलकायदा से जुड़े संगठनों से संबंध पाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने हलफनामे में ये भी कहा गया है
मामले की जांच से पता चला है कि याचिकाकर्ता कप्पन के चरमपंथी पीएफआई और उसके ब्रांच के साथ गहरा संबंध है, जिसमें सीएफआई, और इसके शीर्ष नेतृत्व, विशेष रूप से पी कोया, सिमी के पूर्व सदस्य, पीएफआई के कार्यकारी सदस्य और संपादक शामिल हैं। थेजस के प्रमुख पी कोया, ईएम अब्दुल रहमान के साथ, तुर्की में अल कायदा से जुड़े संगठन IHH के साथ संबंध और बातचीत करते हैं।
जमानत याचिका पर सुनवाई नौ सितंबर को होगी
बता दें कप्पन ने 2 अगस्त को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसने उनकी जमानत अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया था। इससे पहले कोर्ट ने कप्पन की जमानत याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था। जमानत याचिका पर सुनवाई नौ सितंबर को होगी।












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