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यूपी की जेलों में खुलेगी गौशाला, गाय के दूध से पैसे कमाएंगे कैदी

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    लखनऊ। यूपी सरकार ने आवार गायों की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा फैसला लिया। प्रदेश की जेलों में सरकार गौशाला बनाएगी। जेल में बंद कैदी इन गौशाला की देखऱेख करेंगे। पहले चरण में 12 जेलों में गौशाला का निर्माण किया जाएगा। अगर यह योजना कामयाब होती है तो सरकार अन्य जेलों में इसकी शुरुआत करेगी। इन गायों की खाने-पीन आदि का इंतजाम जेल में बंद कैदी करेंगे।

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    इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गायों की सेवा में जो कैदी लगाए जाएंगे। उनकी उसका श्रम भी मिलेगा। गायों से होने वाली आमदनी का एक हिस्सा कैदियों के खाते में जाएगा। आपको बता दें कि कैदी अभी तक बागवानी, सफाई, मरम्मत का काम ही करते थे। जिसके एवज में पैसे मिलते थे। यहीं नहीं सरकार गौशाला में खिलाने-पिलाने और निर्माण के लिए अलग से बजट का इंतजाम करेगी। सरकार का मानना है कि जेलों में खाली पड़ी जमीन का इस कदम से उपयोग हो जाएगा और कैदियों को भी रोजगार मिलेगा।

    गौशालाएं खोलने का प्रस्ताव गौ-सेवा आयोग ने पहले पीएसी से किया था लेकिन सांप्रदायिक ठप्पा लगने की आशंका में पीएसी मुख्यालय ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद आयोग ने राज्य पुलिस और जेल प्रशासन के पास प्रस्ताव भेजा गया। जेल प्रशासन ने प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

    राज्य के कारागार राज्यमंत्री जयप्रकाश सिंह जैकी ने बताया कि इस योजना का पहला असर तो कैदियों के आचरण पर पड़ेगा। गायों की सेवा से उनके मन में आध्यात्मिक भाव पैदा होंगे। जेलों में गौशालाओं की शुरुआत मेरठ के चौधरी चरण सिंह कारागार से होगी। इसके अलावा बुंदेलखंड के झांसी, बांदा, ललितपुर और जालौन जिला जेल गौशालाएं स्थापित की जाएंगी।

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    English summary
    UP government has now decided to set up cow shelters in prisons with 12 jails

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