UP election result: कांग्रेस के सात महिला चेहरे, जिन्हें यूपी चुनावों मिली हार
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नई दिल्ली, 10 मार्च: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने इस बार महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का ऐलान किया था। जिसके तहत कांग्रेस ने इस विधानसभा चुनाव में 36 फीसदी महिलाओं के टिकट दिए थे। प्रदेश में कांग्रेस के चुनावी रथ की कमान मुख्य रूप से प्रियंका गांधी ने संभाली थी और 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का नारा देते हुए उन्होंने वादा किया था कि महिला प्रत्याशियों को टिकट देने में प्रमुखता दी जाएगी। जानिए कांग्रेस की महिला उम्मीदवारों की क्या स्थिति है, कौन जीत की ओर है, कौन हार की ओर बढ़ रही हैं और किनकी जमानत तक जब्त हो गई।

नोएडा से पंखुड़ी पाठक
कांग्रेस ने नोएडा सीट से पंखुड़ी पाठक को अपना उम्मीदवार बनाया था। वे समाजवादी पार्टी से कांग्रेस में आई थीं। हालांकि इन चुनावों में पंखुड़ी पाठक की झोली में ज्यादा वोट नहीं गिरे हैं। वे चौथे स्थान पर रहीं। उन्हें मात्र 13485 मत मिले। पंखुड़ी पाठक कभी समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव की करीबी हुआ करती थीं। पंखुड़ी पाठक कॉलेज के समय से ही राजनीति में जुड़ी थीं। पंखुड़ी पाठक ने दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री हासिल की है। उन्होंने पहली बार साल 2010 में हंसराज कॉलेज, दिल्ली की जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव जीता था।
स्याना विधानसभा सीट से पूनम पंडित
किसान आंदोलन से चर्चा में आईं इंटरनेशनल शूटर पूनम पंडित को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में स्याना विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था। हरियाणवी डांसर सपना चौधरी की पूर्व बाउंसर रह चुकीं पूनम भारत के लिए इंटरनेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल भी जीत चुकी हैं। पूनम का इस चुनाव में बहुत ही खराब प्रदर्शन रहा। चौथे स्थान पर रही पूनम पंडित अपनी जमानत तक नहीं बचा पाईं। उन्हें सिर्फ 2914 वोट मिले।
लखनऊ मध्य से सदर जफर
कांग्रेस ने नागरिकता कानून के खिलाफ आंदोलन करने वालीं सदफ जफर को लखनऊ मध्य से टिकट दिया था। नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने के लिए सदफ को पुलिस ने जेल में डाल दिया था। सदफ का इस चुनाव में बहुत ही बुरा प्रदर्शन रहा। सदफ भी अपनी जमानत बचाने में नाकाम रही। उन्हें मात्र 2927 वोट मिले।
आशा सिंह
कांग्रेस की तरफ से जारी की गई पहली लिस्ट में आशा सिंह का नाम शामिल था। आशा सिंह, उन्नाव में अपनी बेटी के बलात्कार के बाद सत्ताधारी बीजेपी के विधायक के खिलाफ लड़ाई लड़ी, उनके पति की हत्या तक कर दी गई। आशा सिंह भी चुनाव हार गईं। उन्नाव सीट पर वे पांचवे स्थान पर रहीं। उन्हें मात्र 1544 वोट मिले।
कल्याणपुर विधानसभा से नेहा तिवारी
कांग्रेस पार्टी ने कानपुर की कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से बिकरू कांड की सह अभियुक्त खुशी दुबे की बड़ी बहन नेहा तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया था। दरअसल कांग्रेस ने कानपुर की कल्याणपुर सीट से खुशी दुबे की मां को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन खुशी दुबे की मां गायत्री तिवारी का वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की वजह से पेच फंस गया। जिसके बाद नेहा तिवारी को टिकट दिया था। नेहा तिवारी भी चुनाव हार गई हैं। चौथे स्थान पर रही नेहा तिवारी को मात्र 2302 वोट मिले।
साहिबाबाद- संगीता त्यागी
कांग्रेस ने गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट से संगीता त्यागी को प्रत्याशी बनाया था। संगीता त्यागी कांग्रेस के दिवंगत नेता राजीव त्यागी की पत्नी हैं। वह डीएवी स्कूल की शिक्षिका रही हैं। संगीता भी चुनाव हार गई हैं। संगीता तिवारी भी चुनाव हार गई हैं। चौथे स्थान पर रहीं संगीता तिवारी को 10273 मत मिले।
हस्तिनापुर से अर्चना गौतम
एक्ट्रेस अर्चना गौतम को कांग्रेस ने मेरठ की हस्तिनापुर सीट से चुनावी अखाड़े में उतारा था। अर्चना गौतम एक मॉडल और सोशल मीडिया हैं। अर्चना ने हिंदी फिल्मों में 'ग्रेट ग्रैंड मस्ती', 'हसीना पार्कर' समेत तमिल और साउथ की कई फिल्मों में भी काम किया है। वह बिकनी गर्ल के नाम से भी मशहूर हैं। अचर्ना गौतम को बुरी हार का सामना करना पड़ा है। पांचवे स्थान पर रहीं अर्चना को 1519 वोट मिले।












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